Everest और MDH मसालों पर प्रतिबंध के बाद सक्रिय हुआ Spices Board, अब कंसाइनमेंट भेजे जाने के पहले यह होगा
Updated on
26-04-2024 02:26 PM
नई दिल्ली: कुछ दिन पहले ही यह खबर आई थी। सिंगापुर और हांगकांग में एवरेस्ट (Everest) और एमडीएच (MDH) ब्रांड के कुछ मसालों में कुछ प्रतिबंधित केमिकल पाए गए थे। इसके बाद इन देशों ने दोनों कंपनियों के मसालों पर बैन लगा दिया। अब भारत का मसाला बोर्ड या स्पाइसेज बोर्ड (Spices Board) एक्शन में है। यह बोर्ड केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करता है। इसने बुधवार को कहा कि इन देशों में भेजे जाने वाले कंशाइनमेंट की वह मैनडेटरी टेस्टिंग शुरू करेगा।
रूट काउज का पता लगाने की होगी कोशिश
मसाला बोर्ड (Masala Board) ने यहां जारी एक बयान में बताया वह कुछ विशेषज्ञों के साथ मिल कर यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर इन कंशानइमेंट को वापस भेजने की मूल वजह क्या थी। साथ ही इसे ठीक करने के उपाय क्या हो सकते हैं, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही अब विदेश भेजे जाने वाले मसाले तय मानक को पूरा करते हैं या नहीं, इसे जांचने के लिए पूरी तरह से जांच (Thorough inspection) होगा। साथ ही सिंगापुर और हांगकांग जाने वाले कंसाइनमेंट की मैनडेटरी टेस्टिंग होगी कि उसमें फूड प्रोडक्ट्स में उपयोग किये जाने वाले स्टरलाइजिंग एजेंट एथिलीन ऑक्साइड (ईटीओ) की उपस्थिति तो नहीं है।
स्पाइसेज बोर्ड का क्या है काम
सरकार ने स्पाइसेज बोर्ड की स्थापना देश से मसालों के निर्यात प्रोत्साहन की देखरेख करने वाले नियामक प्राधिकरण के रूप में की है। यह निर्यात के लिए भारतीय मसालों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए, बोर्ड ने ईटीओ अवशेषों के लिए कड़े प्रोटोकॉल और दिशानिर्देश स्थापित किए थे।
सिंगापुर और हांगकांग के भारतीय मिशन से संपर्क में हैं
बोर्ड ने बताया कि मीडिया रिपोर्टों के आधार पर, स्पाइसेस बोर्ड ने दोनों देशों के संबंधित अधिकारियों से तकनीकी जानकारी, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और निर्यातक डेटा इकट्ठा करने के प्रयास किए हैं। बोर्ड अधिक जानकारी और आधिकारिक अधिसूचना प्राप्त करने के लिए सिंगापुर और हांगकांग में भारतीय मिशनों के संपर्क में है। बोर्ड उन निर्यातकों के साथ काम कर रहा है जिनकी खेप वापस बुला ली गई है ताकि समस्या के मूल कारण का पता लगाया जा सके और सुधारात्मक उपायों का प्रस्ताव दिया जा सके। नियामक मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्यातक सुविधाओं पर गहन निरीक्षण भी चल रहा है।
बना दिया गया है सिस्टम
बोर्ड ने कहा है कि वह इंडस्ट्री के साथ एक बैठक कर सिंगापुर और हांगकांग के लिए भेजे जा रहे मसालों के कंशाइनमेंट का अनिवार्य ईटीओ परीक्षण शुरू करने के लिए सिस्टम स्थापित किया है। ईटीओ की मौजूदगी के लिए दूसरे देशों में मसाला खेपों की भी कड़ी निगरानी की जाएगी। मसाला बोर्ड की एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं निर्यात के लिए मसाला खेपों में ईटीओ संदूषण का परीक्षण करने के लिए सुसज्जित और तैयार हैं।
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