16 साल की उम्र में बेचने शुरू किए कार के पुर्जे, आज कतर के सबसे रईसों में से एक, कितनी दौलत के मालिक?
Updated on
12-06-2024 01:42 PM
नई दिल्ली: फैसल बिन कासिम अल थानी कतर के जाने-माने व्यवसायी हैं। उन्होंने अपनी कारोबारी और परोपकारी गतिविधियों के जरिये अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दिया है। युवा उद्यमी से कतर के सबसे बड़े समूहों में से एक अल फैसल होल्डिंग के प्रमुख बनने तक का उनका सफर कई चुनौतियों से गुजरा है। उनकी उपलब्धियों को तमाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है। फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची में फैसल बिन कासिम अल थानी का नाम नियमित रूप से रहता है। यह कारोबारी क्षेत्र में उनके प्रभाव और सफलता को दर्शाता है। उनके नेतृत्व में अल फैसल होल्डिंग ग्रुप लगातार आगे बढ़ रहा है।
कतर में जन्मे फैसल बिन कासिम अल थानी ने बहुत कम उम्र में ही अपनी उद्यमशीलता की यात्रा शुरू कर दी थी। सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने दोहा में कार के पुर्जे बेचना शुरू कर दिया था। इससे उनकी शुरुआती व्यावसायिक सूझबूझ का पता चलता है। फोर्ब्स के अनुसार, ऑटोमोटिव उद्योग में उनके शुरुआती कदमों ने उनकी भविष्य की उपलब्धियों की नींव रखी। 1960 के दशक के दौरान वह कतर में ब्रिजस्टोन टायर के एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर बन गए थे। यह एक निर्णायक मील का पत्थर था। इसने उनके विशाल कारोबारी साम्राज्य की शुरुआत की नींव तैयार की।
1964 में रखी अल फैसल होल्डिंग की नींव
1964 में अल थानी ने अल फैसल होल्डिंग की स्थापना की जो तब से कतर के सबसे बड़े और सबसे विविध समूहों में से एक बन गया है। कंपनी हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट, ट्रेडिंग और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। फोर्ब्स के अनुसार, अल फैसल होल्डिंग के पास दुनियाभर में 20 से अधिक होटल हैं। इनमें वाशिंगटन और मियामी में सेंट रेजिस के अलावा लंदन में डब्ल्यू होटल जैसी हाई-प्रोफाइल संपत्तियां शामिल हैं। अल थानी के नेतृत्व में अल फैसल होल्डिंग ने अपने पोर्टफोलियो में विविधता बढ़ाई है। कंपनी ने इसमें पर्याप्त रियल एस्टेट निवेश और सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी आमल में बहुलांश हिस्सेदारी शामिल की है। आमल रियल एस्टेट और मेडिकल सप्लाई के साथ फार्मास्यूटिकल्स के वितरण सहित कई क्षेत्रों में काम करती है। इस डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी ने अल फैसल होल्डिंग को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही तरह के विभिन्न बाजारों में मजबूत उपस्थिति बनाए रखने में सक्षम बनाया है।
ऐतिहासिक कलाकृतियों को जुटाने के हैं शौकीन
फैसल बिन कासिम अल थानी ऐतिहासिक कलाकृतियों यानी आर्टिफैक्ट्स के भी शौकीन हैं। उन्होंने 15,000 से ज्यादा चीजें जुटाई हैं। इनमें प्राचीन कारें, प्राचीन सिक्के और इस्लामी कलाकृतियां शामिल हैं। इन्हें दोहा के संग्रहालय में रखा गया है। संग्रहालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह संग्रह कतर और इस्लामी दुनिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और प्रदर्शित करने के लिए अल थानी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…