स्टॉक, म्यूचुअल फंड या सोना... चुनावी नतीजों से पहले किस पर लगाएं दांव? जानिए क्या कह रहे हैं जानकार
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21-05-2024 02:27 PM
नई दिल्ली: शेयर बाजार के अनुभवी ट्रेडर्स से लेकर नए म्यूचुअल फंड निवेशकों तक, सभी को 4 जून 2024 का बेसब्री से इंतजार हैं। इस दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में एक इंटरव्यू में कहा कि चुनाव के नतीजों के बाद शेयर बाजार में भारी तेजी आएगी। उनके पूछा गया था कि क्या चुनाव नतीजों को लेकर शेयर बाजार में घबराहट दिख रही है? इस पर मोदी ने कहा कि जब चुनाव के नतीजे आएंगे तो पूरे हफ्ते ट्रेड करने वाले लोग थक जाएंगे। लोकसभा चुनावों के पिछले कुछ चरणों में कम मतदान के कारण नतीजों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। इससे शेयर बाजार में बेचैनी दिख रही है। सूत्रों का अनुमान है कि चुनाव समाप्त होने तक शेयर बाजार में उथल-पुथल जारी रहेगी। कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निवेशकों को 4 जून 2024 से पहले सस्ते में शेयर खरीदने की सलाह दी थी। उनका कहना था चुनाव नतीजों के बाद बाजार में तेजी आएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि शेयर मार्केट में गिरावट को चुनावों से जोड़ना सही नहीं है। सवाल यह है कि चुनाव नतीजे आने तक निवेशकों का क्या करना चाहिए? ET Wealth Online ने इस बारे में एक्सपर्ट्स से बात की...
अब सवाल यह है कि चुनाव के नतीजे आने तक निवेशकों को क्या करना चाहिए? क्या यह अधिक स्टॉक जमा करने का समय है या अस्थिरता से बचने और सुरक्षित खेलने का? टेलविंड फाइनेंशियल सर्विसेज के जॉइंट एमडी विवेक गोयल ने कहा कि संभावित प्रॉफिट बुकिंग के लिए अपने पोर्टफोलियो में स्टॉक और म्यूचुअल फंड की समीक्षा करें। खासकर उन सेगमेंट में इसकी जरूरत है जिनमें तेज उछाल देखा गया है। इससे आपको जोखिम से निपटने में मदद मिलेगी। सेबी-रजिस्टर्ड मल्टी-एसेट पीएमएस और एआईएफ फर्म, पेस 360 के सह-संस्थापक और मुख्य वैश्विक रणनीतिकार अमित गोयल का कहना है कि यह तीन अंकों के पीई रेश्यो पर कारोबार कर रहे कई शेयरों को बेचने का एक अच्छा अवसर है।
स्टॉक मार्केट की रणनीति
ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ और चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट विकास गुप्ता कहते हैं कि चुनाव नतीजों को लेकर अनिश्चित निवेशकों को नए निवेश को दो हिस्सों में बांटना चाहिए। इसका एक हिस्सा अभी निवेश करना चाहिए और दूसरा हिस्सा नतीजे घोषित होने के बाद। उनका कहना है कि जोखिम उठाने की क्षमता रखने वाले निवेशक अभी निवेश करना शुरू कर सकते हैं और बाद में और निवेश कर सकते हैं। चुनाव के नतीजे चाहे जो भी हों, हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे सेक्टरों को लेकर पॉजिटिव हैं। बिजली, बैंक, रेलवे और डिफेंस सेक्टर के शेयरों में लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है लेकिन चुनाव नतीजों के तुरंत बाद इनमें उतार-चढ़ाव आ सकता है। इक्विटी में निवेश करते समय पांच साल से अधिक का लॉन्ग-टर्म फोकस महत्वपूर्ण है। नुवामा प्रोफेशनल क्लाइंट्स ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष संदीप रैना कहते हैं कि बाजार की धारणा के अनुसार, सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और आगे भी आते रहेंगे। अक्षय ऊर्जा, शिपिंग, बंदरगाह, रक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्र विकास के लिए तैयार हैं, जिससे समग्र अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। अगर नतीजों के दिन से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है तो निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि शेयर की कीमतों में गिरावट कई लोगों के लिए एक अवसर हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को अनुशासित निवेश रणनीति बनानी चाहिए और जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए।
किन शेयरों में लगा सकते हैं पैसा
गुप्ता कहते हैं कि बाजार की अनिश्चितता के दौरान निवेश करने से मौका मिल सकता है। हाई क्वालिटी वाली कंपनियों पर फोकस करना चाहिए जिनकी कीमत में अभी गिरावट आई है। अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने की जरूरत है। निवेशक अभी क्या खरीद सकते हैं? टेलविंड फाइनेंशियल सर्विसेज के विवेक गोयल कहते हैं कि पिछले चार से छह महीनों में बाजार की चाल मौजूदा सरकार के सत्ता में बने रहने की उम्मीदों से प्रेरित रही है। इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर, पूंजीगत सामान और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सरकारी खर्च की नीति जारी रहने की संभावना है। हालांकि, निवेशकों को बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं रखनी चाहिए क्योंकि ऐतिहासिक रूप से, चुनाव के बाद के नतीजों ने बाजार पर कोई खास असर नहीं डाला है। विवेक गोयल ने कहा कि बाजार पहले से ही मौजूदा सरकार के लिए एक और कार्यकाल की उम्मीद कर रहा है। ऐसे में नतीजों से सीधे तौर पर सीमित उछाल की उम्मीद है।
म्यूचुअल फंड
पेस 360 के अमित गोयल कहते हैं कि यह सच है कि अगर भाजपा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती है, तो बाजार और ऊपर जा सकता है। हालांकि, यह सिर्फ एक अल्पकालिक उछाल होगा, और बाजार अंततः नीचे आ जाएगा। इसलिए, हम निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर स्टॉक या इक्विटी म्यूचुअल फंड खरीदने की सलाह नहीं देते हैं। सवाल है कि म्यूचुअल फंड निवेशकों को अब क्या करना चाहिए? अगर आप आमतौर पर अपने लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों को पूरा करने के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो चुनाव नतीजों से आपका म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो लंबे समय तक प्रभावित नहीं होगा गुप्ता कहते हैं कि म्यूचुअल फंड निवेशकों को नतीजों की परवाह किए बिना अपने एसआईपी जारी रखने चाहिए।
डेट इन्वेस्टमेंट
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों से पहले आपके ऋण निवेश के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए? विवेक गोयल कहते हैं कि डेट मार्केट भी परिणामों से प्रभावित होंगे। यदि बीजेपी नहीं जीतती है और विपक्षी गठबंधन जीतता है, तो नई नीतियों तक स्पष्टता आने तक साइक्लिक सेक्टर्स में करेक्शन देखने को मिल सकता है। कोटक म्यूचुअल फंड के सीआईओ (डेट) दीपक अग्रवाल का कहना है कि मौजूदा सरकार ने राजकोषीय घाटे को काबू में रखने पर ध्यान केंद्रित किया है। अगर सरकार सत्ता में वापस आती है, तो बाजार को इस रुख की निरंतरता का भरोसा होगा और वित्त वर्ष 25 और वित्त वर्ष 26 के लिए राजकोषीय घाटा क्रमशः 5.1% और 4.5% पर बना रह सकता है। 'इससे जी-सेक इंस्ट्रूमेंट्स की अपेक्षाकृत कम आपूर्ति होगी। इसके अलावा, मौजूदा सरकार ने महंगाई विशेष रूप से खाद्य महंगाई को बहुत अच्छी तरह से मैनेज किया है। महंगाई कम होने की उम्मीद, जी-सेक की कम आपूर्ति, स्थिर मुद्रा और इंडेक्स फ्लो के कारण 10 साल की अवधि वाला बॉन्ड 7% को पार कर जाएगा। गुप्ता का सुझाव है कि डेट इन्वेस्टमेंट एएए रेटिंग वाले बांड्स में होना चाहिए। अमित गोयल का कहना है कि वह 30 वर्ष के भारतीय सरकारी बांड्स को लेकर बेहद आशावादी हैं तथा इन्हें अगले दो वर्षों के लिए एक बेहतरीन निवेश अवसर के रूप में देखते हैं।
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