Starbucks के सीईओ की कहानी कभी स्टोर के पास प्राइमरी स्कूल में पढ़ाती थीं लक्ष्मण नरसिम्हन की मां
Updated on
29-01-2024 01:28 PM
नई दिल्ली: भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन (Laxman Narasimhan) पिछले साल पॉपुलर कॉफीहाउस चेन स्टारबक्स (Starbucks) के सीईओ बने हैं। नरसिम्हन के पास वर्ल्ड की टॉप कंपनियों में काम का लंबा अनुभव है। इससे पहले वो एमएनसी रेकिट (Reckitt) के सीईओ रह चुके हैं। लक्ष्मण नरसिम्हन का पुणे वाला घर और स्टारबक्स कोरेगांव पार्क स्टोर से कुछ मिनट की दूरी पर है। नरसिम्हन ले टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि "मेरी मां, जो अब सिएटल में मेरे साथ रहती हैं, उस प्राइमरी स्कूल में पढ़ाती थीं जो उस स्टोर से 400 मीटर से भी कम दूरी पर है। मुझे नहीं पता था कि मैं एक दिन स्टारबक्स का नेतृत्व भी करूंगा।" नरसिम्हन की देखरेख में कंपनी भारत में तेजी से अपने कदम बढ़ा रही है। कंपनी की योजना देश में हर तीन दिन में एक नया स्टोर खोलने की है, जिससे साल 2028 तक स्टारबक्स के स्टोर की संख्या बढ़कर करीब एक हजार तक पहुंच जाए। स्टारबक्स, जो भारत में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ एक समान संयुक्त उद्यम के जरिए काम करती है, फिलहाल देश में 390आउटलेट चलाती है।
सामने हैं कई चुनौतियां
पेप्सिको और रेकिट के पूर्व सीईओ नरसिम्हन, जो हावर्ड शुल्त्स की जगह सीईओ बने हैं, मानते हैं कि उनके सामने कई बड़ी चुनौतिया हैं। बताया कि शुल्त्स ने स्टारबक्स को एक लोकल सिएटल चेन से एक टॉप ग्लोबल ब्रांड में बदल दिया। उन्होंने हावर्ड शुल्त्स से बहुत कुछ सीखा है। वह और उनकी टीम अब आगे का नया रास्ता तैयार कर रहे हैं। बताया कि उनकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह ब्रांड और पार्टनर अनुभव को कैसे और बेहतर बनाते रहे। जिससे वह ग्राहकों की उम्मीदों से भी ज्यादा बढ़ सकें। ट्रिपल शॉट रिनवेंशन स्ट्रैटेजी के कई हिस्से हैं जो स्टारबक्स ब्रांड को ऊपर उठाने, कंपनी की डिजिटल कैपिसिटी को मजबूत करने पर फोकस हैं।
भारत में तेजी से हो रहे बदलाव
लक्ष्मण नरसिम्हन के मुताबिक, भारत ने कई बड़े वैश्विक ब्रांडों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। देश के लोगों की इनकम बढ़ी है। बताया कि "स्टारबक्स के सीईओ के रूप में भारत लौटने से उन्हें पिछले दशक में भारत में हुए तेजी से बदलाव को करीब से देखने का मौका मिला है। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, तेजी से बढ़ते कस्टमर और टेक्नोलॉजी का बड़े रूप में इस्तेमाल स्टारबक्स के स्टोर को तीसरे स्थान के रूप में मजबूत करने का एक सुनहरा मौका है।"
यह अंतरराष्ट्रीय चेन निश्चित रूप से भारत में एक पसंद किया जाने वाला ब्रांड है, लेकिन बाजार प्रतिस्पर्धी हो रहा है और ब्रांडों के लिए बड़ी चुनौती यह है कि वह जेन जेड और मिलेनियल्स के साथ बने रह सकें। थर्ड वेव कॉफी और ब्लू टोकाई कॉफी रोस्टर्स जैसे लोकल प्लेसर्य के अलावा विदेशी ब्रांड टिम हॉर्टन्स और प्रेट ए मैंगर भी भारत में एंट्री कर चुके हैं।
नई दिल्ली: आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में थोड़ी देर में जानकारी देंगे। उससे पहले आज शेयर बाजार…
मुंबई: बेंगलुरु की हॉस्पिटल चेन चलाने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज Manipal Health Enterprises के शेयर आज इश्यू प्राइस से 11% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। यह जहां बीएसई पर…
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…