अजब शिक्षा विभाग का गजब फैसला, युवती के आधार कार्ड में 'w' की जगह 'c' देख रोक ली सरकारी नौकरी, पढ़ें पूरी खबर
Updated on
07-06-2023 06:56 PM
जयपुर: राजस्थान में एक विधवा युवती के आधार कार्ड में मामूली त्रुटि होने की वजह से उसे सरकारी नौकरी से वंचित कर दिया गया। युवती के बाकी पूरे दस्तावेज सही थे, लेकिन आधार कार्ड में पति के नाम से पहले w/o के स्थान पर c/o लिखा हुआ था। इसके चलते शिक्षा विभाग ने नौकरी देने से इंकार कर दिया। मजबूरन इस विधवा युवती को राजस्थान हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट में याचिका लगाने के बाद जस्टिस सुदेश बंसल ने मामले की सुनवाई की। जस्टिस बंसल ने हैरानी जताई कि w/o के स्थान पर c/o लिखने से विधवा अभ्यर्थी को नौकरी से वंचित कैसे किया जा सकता है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रार्थी को एक महीने में नियुक्ति प्रदान करें।
रीट के आधार पर हुआ था चयन
राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता आरपी सैनी ने बताया कि दिसंबर 2021 में रीट के तहत होने वाली तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के आवेदन मांगे गए थे। अभ्यर्थी रेशम बाई ने आवेदन किया। लिखित परीक्षा में रेशम बाई ने 99 अंक हासिल किए। रेशम बाई ओबीसी विधवा कोटे से थी और इस श्रेणी की मेरिट 76 अंक रही थी। शिक्षा विभाग ने चयनित अभ्यर्थी रेशम बाई को करौली जिला आवंटित किया था लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने रेशम बाई के आधार कार्ड में w/o के स्थान पर c/o लिखा होने की वजह से नियुक्ति से वंचित कर दिया था।
संशोधन के बाद भी नहीं माने जिला शिक्षा अधिकारी
चयनित अभ्यर्थी रेशम बाई के पति का निधन नवंबर 2008 में हो गया था। आवेदन भरने के दौरान तक रेशम के आधार कार्ड में एक त्रुटि थी। उनके पति के नाम से पहले w/o के स्थान पर c/o लिखा हुआ था। हालांकि रीट में चयन होने के बाद रेशम ने अपने आधार कार्ड में संशोधन करा लिया लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी मानने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद एडवोकेट आरपी सैनी के मार्फत राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जिसके बाद हाईकोर्ट ने अभ्यर्थी रेशम बाई को नियुक्ति देने के आदेश जारी किए। (रिपोर्ट- रामस्वरूप लामरोड़)
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन में हजारों लोग पहुंचे, कहीं किसी ने डिजिटल क्रांति से आंदोलन का रुख मोड़ा तो किसी ने भूखे रहकर लेकिन उन्हीं के बीच…
नई दिल्ली: भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) उन कानूनों में से एक है जो हर कुछ सालों में चर्चा का विषय बन जाता है। लेकिन क्यों? इस कानून…
नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहा। आखिरकार 25 जुलाई को सरकार झुकी…
नई दिल्ली, लोकसभा में दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा शुरू हो गई है। इस विधेयक में 2024…
कोयंबटूर: तमिलनाडु की थलपति विजय सरकार ने मेकेदातु बांध को लेकर अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है। सरकार का कहना है कि कर्नाटक को प्रस्तावित मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वॉयर प्रोजेक्ट पर…
इंदौर: चंदन नगर थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को दुष्कर्म के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने सीएम हेल्पलाइन पर…
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक स्कूल की शिक्षिका की अमानवीयता का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच साल के मासूम के पैंट में पेशाब करना शिक्षिका…