नौकरी को लेकर सड़क पर उतरे छात्र, झारखंड में 48 घंटे का बंद का कैसा है असर
Updated on
10-06-2023 07:05 PM
रांचीः झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन (जेएसएसयू) की ओर से बुलाए गए झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखा जा रहा है। सुबह में कई बंद समर्थक सड़क पर उतरे। प्रस्तावित नियोजन नीति के विरोध और सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों को शत-प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर बंद बुलाया गया है। बंद के समर्थन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो शनिवार सुबह अपने समर्थकों के साथ खादगढ़ स्थित बस स्टैंड पहुंचे। उन्होंने बस संचालकों से दो दिनों लंबी दूरी के वाहनों का परिचालन बंद रखने की अपील की। साथ ऑटो संचालकों से भी सहयोग की अपील की।
बंद समर्थकों ने जमकर की नारेबाजी
बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड को बने 23 साल हो गए। लेकिन आज तक सरकार यहां के युवाओं के लिए एक नियोजन नीति भी नहीं बना सकी। कथित तौर पर प्रस्तावित 60:40 के अनुपात में नियोजन नीति लाने की तैयारी में राज्य सरकार है, जिसका यहां के छात्र समुदाय विरोध करते हैं। इसे लेकर ही झारखंड बंद बुलाया गया है। बंद के कारण लंबी दूरी के वाहनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। जबकि ऑटो और अन्य निजी वाहन भी आम दिनों की अपेक्षा में काफी कम संख्या में सड़क पर चल रहे हैं। स्कूलों में गर्मी की पहले से ही छुट्टियां चल रही हैं। वहीं कई दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी सुबह में बंद नजर आए। राजधानी की जिन प्रमुख सड़कों में जाम की समस्या रहती थी, उन इलाकों में आज काफी कम संख्या में निजी वाहन चलते नजर आ रहे हैं।
बंद से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
झारखंड बंद के दौरान किसी भी तरह से उत्पात से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट नजर आ रही है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। इन पुलिस जवानों को बंद समर्थकों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए है।
11 बंद समर्थकों को एसडीओ ने नोटिस जारी किया
रांची के सदर अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से 11 बंद समर्थकों को नोटिस जारी किया गया है। इन सभी को शनिवार 10 जून को स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में सरकार के विरुद्ध होकर विरोध प्रदर्शन और लॉ एंड ऑर्डर भंग करने का हवाला दिया गया है। विरोध प्रदर्शन और विधि व्यवस्था भंग करने को लेकर दिए गए नोटिस में शांति भंग होने की आशंका जताई गई है। इन सभी को एसडीओ कोर्ट में 10.30बजे उपस्थित होकर पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। जिन छात्र नेताओं को नोटिस मिला है, उनमें देवेंद्र नाथ महतो,मनोज यादव, इमाम सफी, अमनदीप मुंडा, मोतीलाल महतो, योगेश चंद्र भारती, मनोज उरांव, सत्या कुमार, मनोज कुमार और दुर्गेश कुमार चंद्रवंशी शामिल है।
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