एआई के सुझाव को देखने के बाद टीम फौरन तय करती है कि कहां और कैसे लोकल इमर्जेंसी टीम को सूचना देनी है। यहां जान लीजिए कि मार्च 2022 में यूपी पुलिस ने मेटा के साथ एक समझौता किया है। मेटा ही फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी है। इस एग्रीमेंट के तहत सुसाइड या खुद को किसी तरह के नुकसान से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी रीयल टाइम यूपी पुलिस को मिलती है। उस रात भी यही हुआ था। इस समझौते से यूपी में कई जिंदगियां बचाई जा सकी हैं।
26 अप्रैल को आधी रात 1.30 बजे के करीब गौतमबुद्ध नगर पुलिस मुख्यालय के पास सूचना आई थी कि एक लड़का सुसाइड वीडियो बना रहा है। मेटा मुख्यालय ने उस लड़के की लोकेशन ढूंढने में भी मदद की थी। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था।
जैसे ही इनपुट मिला स्थानीय पुलिस स्पॉट पर पहुंची और लड़के को ढूंढ लिया। हालांकि उस लड़के ने ज्यादा दर्शक पाने के लिए ऐसी हरकत की थी। रूल के तहत लड़के की मेडिकल जांच की गई। काउंसिलिंग के बाद लड़के को परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इससे पहले 18 मार्च को नोएडा में ही एक 20 साल के शख्स ने इंस्टाग्राम पर तस्वीर पोस्ट कर लिखा था, 'सब कुछ खत्म हो जाएगा।' तस्वीर में फंदा भी दिख रहा था। मेटा के अलर्ट पर यूपी पुलिस ने उस लड़के को बचा लिया था।