जयपुर में SDM Jyoti Maurya से सबक लेकर 'अंजली मीना' ने स्टाम्प पेपर पर लिखा 'धोखा नहीं दूंगी', पढ़ें शपथ-पत्र का सच
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10-07-2023 01:41 PM
जयपुर : उत्तर प्रदेश की SDM ज्योति मौर्य और उसके पति आलोक मौर्य के बीच का विवाद ने पूरे देश में चर्चित हो रहा है। इसी बीच एक स्टांप पेपर पर लिखा शपथ पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। 500 रुपए के स्टांप पेपर पर एक कथित महिला ने अजीबोगरीब शपथ ली है। इसे लेकर लोग सोशल मीडिया पर जमकर शेयर कर रहे हैं। हालांकि जब इस मामले की जांच पड़ताल की गई तो, मामला कुछ और ही निकला। अब सामने आया है कि स्टाम्प पेपर पर ली गई शपथ फर्जी है। इसे गलत तरीके से एडिट कर तैयार किया गया है।
स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र पर शपथ, धोखा नहीं दूंगी
ज्योति मौर्य के एसडीएम बनने के बाद की कहानी से इस मामले को जोड़ा जा रहा है। लोगों में काफी चर्चा है कि पत्नी को अगर पढ़ा लिखा कर नौकरी लगाई जाए तो वह भी ज्योति मौर्य की तरह बदल जाएगी। इसको लेकर वायरल 500 रुपए का स्टाम्प पेपर 3 जुलाई का बताया जा रहा है। इसमें एक महिला का जिक्र किया गया है। इसमें उसका नाम अंजली मीना बताया गया है। शपथ पत्र में कथित महिला ने अपने पति दिनेश मीणा से वादा किया है। वह जयपुर में रहकर RAS की पढ़ाई कर रही है। आगे लिखा कि नौकरी लगने के बाद वह अपने पति को धोखा नहीं देगी। यदि ऐसा करती है तो, उसे पद से निलंबित कर दिया जाए। वायरल शपथ पत्र में लिखा है कि 'मैं अपने पति और उनके परिवार को एक करोड़ रुपए का जुर्माना दूंगी।' इस स्टाम्प पर कथित अंजली के अंग्रेजी में हस्ताक्षर है। जबकि कथित पति के रूप में दिनेश के हिंदी में हस्ताक्षर किए गए हैं।
एक्सपर्ट ने बताई स्टाम्प पेपर की हकीकत
सोशल मीडिया पर भी यूजर्स इस स्टांप पेपर को फर्जी बता रहे हैं। उनका कहना हैं कि यह स्टाम्प पेपर एडिट किया हुआ। इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं राजस्थान हाई कोर्ट जयपुर के अधिवक्ता शिम्भूदयाल पोसवाल का कहना है कि स्टाम्प पेपर की प्राथमिक जांच में यह सन्देहास्पद प्रतीत हो रहा है। इनमें पहला स्टांप पेपर पर जो 3 जुलाई की डेट लगाई हुई है, वो एडिट की हुई प्रतीत हो रही है। इसी तरह स्टांप पेपर पर जिनके हस्ताक्षर हैं, उनको नोटरी की ओर से अटेस्टेड नहीं किया गया है। इसके अलावा स्टाम्प पेपर पर नोटरी होने का रजिस्टर्ड नंबर भी इंद्राज नहीं किया गया है। शपथ पत्र में कथित महिला ने यह कहा है कि 'मैं प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी में यह शपथ ले रही हूं।' जबकि कथित महिला स्टाम्प में दूसरी तरफ कह रही हैं कि वह RAS की पढ़ाई कर कर रही है। ऐसी स्थिति में फिर उसके अधिकारी कौन हैं। इसके अलावा स्टांप पेपर पर किसी भी अधिकारी के नाम का न तो हवाला दिया है, न ही उनके हस्ताक्षर हैं। इन सभी विरोधाभासी तथ्यों के सामने आने के बाद यह स्टांप पेपर भरोसेमंद दस्तावेज नहीं कहा जा सकता।
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