तीन-तीन बार छलक गए आंसू, रत्नेश सदा के 'कबीर और विश्वकर्मा' क्यों हैं नीतीश?
Updated on
16-06-2023 06:47 PM
पटना: 'हम माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कबीर के रूप में देखते हैं। जो हमारा इष्ट है, उसका दूसरा रूप इनमें (नीतीश) देखते हैं।' इतना कहने के साथ बिहार के नए-नवेले मंत्री रत्नेश सदा भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि 'आपने जिस विश्वकर्मा का नाम लिया, इसलिए उस विश्वकर्मा के नाम पर आंसू आ जाता है। ये खुशी का आंसू नहीं है, बल्कि ये पूरे बिहार के महादलितों का आंसू हैं। '
नीतीश के सवाल पर भावुक हो गए रत्नेश सदा
बिहार में नीतीश कुमार सरकार कैबिनेट का विस्तार हो गया। रत्नेश सदा को पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। वे सहरसा के सोनबरसा से जेडीयू विधायक हैं। पटना में मीडिया वालों ने मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर जब रत्नेश सदा से सवाल पूछा तो वो भावुक हो गए। खासकर नीतीश कुमार से जुड़े सवाल पर।
रत्नेश सदा से नीतीश कुमार के बारे में सवाल पूछा गया तो वो भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि हमारे कबीर हैं नीतीश। फिर उनकी आंखें भर गई और गला रूंध गया। रत्नेश सदा ने कहा कि हम माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कबीर के रूप में देखते हैं। जो हमारा इष्ट है, उसका दूसरा रूप इनमें (नीतीश) देखते हैं।
प्राथमिकता के सवाल पर रत्नेश सदा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश के विजन को पूरा करना। भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देंगे। नहर-पैनाल पर जो लोग बसे हुए हैं, उनको स्थायी तौर पर जमीन देकर बसाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए टोला सेवकों और विकास मित्रों का साथ लेंगे।
'खुशी का नहीं, महादलितों के आंसू हैं'
इसके बाद उनके भावुक होने को लेकर सवाल किया गया तो रत्नेश सदा दोबारा भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आपने जिस विश्वकर्मा का नाम लिया, इसलिए उस विश्वकर्मा के नाम पर आंसू आ जाता है। ये खुशी का आंसू नहीं है, बल्कि ये पूरे बिहार के महादलितों का आंसू हैं।
जीतन राम मांझी के नीतीश कुमार पर लगाए आरोपों पर रत्नेश सदा ने कहा कि समय आने पर उन सब के बारे में भी बता देंगे।
तीसरी बार जब नीतीश कुमार से जुड़ा सवाल किया गया तो रत्नेश सदा फिर से भावुक हो गए। आखिर में उन्होंने बस इतना कहा कि उनका नाम मत लीजिए। और फिर रत्नेश सदा की आंखें भर गई।
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