टाटा और महिंद्रा की धरती पर टिक नहीं पाएगी टेस्ला... एलन मस्क की कंपनी को किसने दी चुनौती?
Updated on
06-03-2025 05:53 PM
नई दिल्ली: एलन मस्क की कंपनी टेस्ला भारत में एंट्री करने के लिए तैयार है। टेस्ला ने मुंबई में एक शोरूम के लिए जगह लीज पर ली है। साथ ही कंपनी ने कर्मचारियों की भर्ती भी शुरू कर दी है। लेकिन हर कोई टेस्ला की सफलता को लेकर आश्वस्त नहीं है। JSW ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने मस्क की भारतीय बाजार में सफलता पाने की क्षमता पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी स्थानीय दिग्गज कंपनियां इतनी मजबूत हैं कि टेस्ला उनसे मुकाबला नहीं कर पाएगी।
जिंदल ने अर्न्स्ट एंड यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स में कहा, 'एलन मस्क यहां नहीं हैं। वह अमेरिका में हैं। हम भारतीय यहां हैं। वह वो नहीं बना सकते जो महिंद्रा बना सकती है, जो टाटा बना सकती है- यह संभव नहीं है। वह ट्रंप के साये में अमेरिका में ऐसा कर सकते हैं। वह बहुत बुद्धिमान हैं, इसमें कोई शक नहीं। वह एक मनमौजी व्यक्ति हैं। अंतरिक्ष यान और ये सब बना रहे हैं। उन्होंने अद्भुत काम किया है। इसलिए मैं उनसे कुछ भी छीनना नहीं चाहता। लेकिन भारत में सफल होना कोई आसान काम नहीं है।'
जिंदल की कंपनी भी EV में
जिंदल भी पूरी तरह से स्वामित्व वाला EV ब्रांड लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। पिछले साल JSW ग्रुप ने एमजी मोटर के साथ मिलकर नया जॉइंट वेंचर जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया शुरू किया है। एमजी मोटर इंडिया चीनी वाहन निर्माता कंपनी SAIC मोटर की सहायक कंपनी है। इसके बाद एमजी मोटर का फोकस इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ गया है।
भारतीय कंपनियों ने कसी कमर
टेस्ला की भारत में एंट्री को लेकर घरेलू EV कंपनियों ने भी पूरी तैयारी कर ली है। भारत की प्रमुख EV निर्माता टाटा मोटर्स ने हाल ही में 2 लाख EV बिक्री के आंकड़े को पार करने का जश्न मनाया। इसमें एक्सचेंज बोनस, 100% फाइनेंसिंग और मुफ्त चार्जिंग जैसे कई ग्राहक प्रोत्साहन शामिल हैं।
वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने प्रतिस्पर्धा करने की अपनी कंपनी की क्षमता पर विश्वास जताया है। महिंद्रा के नए लॉन्च किए गए EVs, XEV 9e और BE 6e को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, जिससे इसकी स्थिति और मजबूत हुई है।
कैसे मिलेगी टेस्ला को टक्कर?
टेस्ला के लिए भारत में राह आसान नहीं होगी। उसके रास्ते में पहली चुनौती टैरिफ से पार पाने की होगी। भारत अभी आयातित कारों पर 110 फीसदी टैक्स लगाता है। अमेरिका चाहता है कि भारत इस टैक्स को जीरो कर दे। हालांकि भारत इसके लिए तैयार नहीं है। हां, टैक्स में कटौती जरूर की जा सकती है।
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