राज्यपाल के जरिए विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति वैध, कलकत्ता हाई कोर्ट से ममता सरकार को बड़ा झटका
Updated on
29-06-2023 06:58 PM
कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल के राज्यपाल द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को वैध बताया है। अदालत ने कहा कि 11 राज्य संचालित विश्वविद्यालयों में अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति बिल्कुल सही है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस के फैसले को बरकरार रखा और कहा कि इन विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल द्वारा की गई नियुक्तियां अवैध नहीं थीं।
मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को इस बारे में आदेश दिया, जिसमें कहा गया कि, 'कुलपतियों के वेतन और अन्य बकाए का भुगतान तुरंत शुरू किया जाए।' दरअसल कथित तौर पर बंगाल की ममता सरकार ने कुलपतियों के वेतन को रोक दिया था। अस्थायी आधार पर कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच चल रही खींचतान के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है।
एक रिटायर्ड प्रोफेसर द्वारा मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ के समक्ष इसको लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें 11 राज्य विश्वविद्यालयों में अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति को चुनौती दी गई थी। साथ ही जनहित याचिका में राज्यपाल और पश्चिम बंगाल सरकार को पक्षकार बनाया गया था।
याचिकाकर्ता और राज्य सरकार ने दावा किया कि कुलपतियों की नियुक्ति के आदेश अवैध थे। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि राज्यपाल ने इस बारे में उच्च शिक्षा विभाग से परामर्श नहीं किया गया। हालांकि, उच्च न्यायालय ने माना कि कुलाधिपति के पास कुलपतियों को नियुक्त करने की शक्ति है। उत्तर बंगाल में मौजूद बोस ने कहा, 'कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आज एक फैसला सुनाया है। कुलपति अब जो भी आवश्यक होगा वह करेंगे। वे रास्ता दिखाते हैं और जानते हैं कि क्या करना है।'
जिन विश्वविद्यालयों में 1 जून को अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति की गई, उनमें कलकत्ता विश्वविद्यालय, कल्याणी विश्वविद्यालय और जादवपुर विश्वविद्यालय शामिल हैं। कलकत्ता विश्वविद्यालय की कुलपति शांता दत्ता ने कहा, 'अदालत के आदेश से मुझे राहत मिली है। हमें कुलाधिपति के फैसले पर पूरा भरोसा था। इस बीच, बोस ने बुधवार को उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन में हजारों लोग पहुंचे, कहीं किसी ने डिजिटल क्रांति से आंदोलन का रुख मोड़ा तो किसी ने भूखे रहकर लेकिन उन्हीं के बीच…
नई दिल्ली: भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) उन कानूनों में से एक है जो हर कुछ सालों में चर्चा का विषय बन जाता है। लेकिन क्यों? इस कानून…
नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहा। आखिरकार 25 जुलाई को सरकार झुकी…
नई दिल्ली, लोकसभा में दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा शुरू हो गई है। इस विधेयक में 2024…
कोयंबटूर: तमिलनाडु की थलपति विजय सरकार ने मेकेदातु बांध को लेकर अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है। सरकार का कहना है कि कर्नाटक को प्रस्तावित मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वॉयर प्रोजेक्ट पर…
इंदौर: चंदन नगर थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को दुष्कर्म के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने सीएम हेल्पलाइन पर…
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक स्कूल की शिक्षिका की अमानवीयता का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच साल के मासूम के पैंट में पेशाब करना शिक्षिका…