इससे पहले संदेह जताया गया था कि 3-4 आतंकवादियों के एक समूह ने इस हमले को अंजाम दिया और उन्होंने किसी विस्फोटक, बम या ग्रेनेड का इस्तेमाल किया था जिससे सेना की गाड़ी में आग लग गई। समझा जाता है कि आतंकी समूह एक साल से इस इलाके में एक्टिव था। इस हमले में एक स्नाइपर भी शामिल हो सकता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी हमले की जांच कर रही है। इस हमले की जिम्मेदारी पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने ली है, जो पाकिस्तानी आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संगठन बताया जा रहा है। PAFF कश्मीर में एक्टिव है। यह आर्टिकल 370 हटने के बाद से चर्चा में आया था।
इससे पहले संदेह जताया गया था कि 3-4 आतंकवादियों के एक समूह ने इस हमले को अंजाम दिया और उन्होंने किसी विस्फोटक, बम या ग्रेनेड का इस्तेमाल किया था जिससे सेना की गाड़ी में आग लग गई। समझा जाता है कि आतंकी समूह एक साल से इस इलाके में एक्टिव था। इस हमले में एक स्नाइपर भी शामिल हो सकता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी हमले की जांच कर रही है। इस हमले की जिम्मेदारी पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने ली है, जो पाकिस्तानी आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संगठन बताया जा रहा है। PAFF कश्मीर में एक्टिव है। यह आर्टिकल 370 हटने के बाद से चर्चा में आया था।
