किराया बाकी रह गया तो मकान मालिक ने निकाल दिया, दो बार पीएम रहे गुलजारी लाल नंदा की कहानी पर नहीं होगा यकीन
Updated on
15-01-2023 04:58 PM
ओमप्रकाश अश्क, नई दिल्ली: अब के राजनेताओं की ईमानदारी को लेकर सवाल भले खड़े हो रहे हों, लेकिन पहले के लोगों के साथ ऐसी बात नहीं थी। MLA-MP से लेकर पंचायतों के प्रधान तक कई ऐसे मिल जाएंगे, जिनकी संपत्ति साल दर साल राकेट की गति से आसमान छूती दिखेगी। उनकी पहले और उसके बाद की घोषित आय में आसमानी इजाफा भी किसी से नहीं छिपा है पर देश ने राजनीति का एक दौर ऐसा भी देखा है कि कई लोग पीएम-सीएम रहे, लेकिन अपने लिए एक अदद घर नहीं बनवा सके। परिवार के किसी व्यक्ति को अपने रसूख का लाभ नहीं लेने दिया। परिजनों के लिए राजनीति में ऊपर उठने की सीढ़ी नहीं बने। इनमें ज्यादातर तो अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन कुछ अब भी जीवित हैं। आइए, जानते हैं राजनीति के इन रत्नों में से एक गुलजारीलाल नंदा के जीवन के बारे में, जो दो बार देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे। केंद्र में मंत्री रहे। लेखक और शिक्षण से आजीवन जुड़े रहे, लेकिन उनका आखिरी वक्त अभाव में बीता। राजनीति में अब गुलजारीलाल नंदा जैसे लोगों की कमी खलती है।
देश में राजनीति और राजनीतिज्ञों की चर्चा जब भी कहीं चलती है तो आम आदमी उनके प्रति घृणा के भाव से सोचता है। लोगों की नजरों में राजनीति अब कमाई का जरिया बन कर रह गयी है। सेवा, समर्पण, त्याग और ईमानदारी के जो गुण पहले के राजनीतिज्ञों में होते थे, वे अब सिरे से नदारद हैं। आजादी के पूर्व और उसके बाद कई ऐसे नेता भारत में हुए, जो आज के राजनीतिज्ञों के आईकान बन सकते हैं, पर ऐसा नहीं हो रहा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जन प्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं-सहूलियतें लोगों को आकर्षित करती हैं, पर चुनाव जीत पाना आम आदमी के बूते की बात नहीं। विधायकी, सांसदी, एमएलसी या स्थानीय निकायों के चुनाव जीतने के लिए भारी भरकम रकम चाहिए। यह रकम उन्हीं के पास होगी, जिनके पास इसके जायज-नाजायज सोर्स होंगे। चुनाव में टिकटों के बिकने की बात हम सुनते आये हैं। जन प्रतिनिधि बनने से पहले और उसके बाद की घोषित आय में आसमानी इजाफा भी किसी से नहीं छिपा है।
नई दिल्ली, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़…
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक एडवोकेट कपल का सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ने दावा किया है कि करीब एक साल से उन्हें शादियों और अंतिम संस्कार…
जालौन: यूपी के चर्चित आईएएस अफसर रिंकू सिंह इस बार मुश्किल में हैं। जालौन में न्यायिक उप जिलाधिकारी पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राठी और ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन…
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामियों की जमीनों के अवैध कब्जे और शोषण के मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख…
अहमदाबाद: 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री और अब पिछले 12 साल से प्रधानमंत्री के बड़े दायित्व को संभाल रहे नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज पर खुद नजर रखते हैं।…
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने…
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा…