कहीं यूथ कांग्रेस में भी नहीं हो जाए पायलट गहलोत जैसी लडाई, विवाद थामने के लिए उठाया बड़ा कदम
Updated on
15-06-2023 07:09 PM
जयपुर : ऐसा नहीं है कि केवल कांग्रेस पार्टी में ही बवंडर मचा हुआ है। पार्टी की यूथ विंग युवक कांग्रेस में भी बवंडर मचा हुआ है। यूथ कांग्रेस की कार्यकारिणी के लिए हुए चुनाव जब विवादों में आए तो इसका रिजल्ट रोक दिया गया। प्रत्याशियों ने आरोप लगाए थे उनके द्वारा दिए गए लाखों वोटों को बिना किसी वजह से रिजेक्ट कर दिया गया। तीन युवा नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर शिकायतें दर्ज कराई थी। ऐसे में यूथ विंग में तालमेल और शांति बनाए रखने के लिए चुनाव में सर्वाधिक वोट पाने वाले तीन युवा नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर ऑनलाइन वोटिंग हुई थी तो उसका परिणाम जारी करने से क्यों बचा जा रहा है।
शिकायतों के बाद अटके इंटरव्यू
यूथ कांग्रेस के चुनाव 28 फरवरी से शुरू हुए जो कि 3 अप्रेल तक चले थे। एप के जरिए ऑनलाइन वोटिंग हुई। चुनाव प्रक्रिया के तहत वोटिंग होने के बाद कांग्रेस आलाकमान सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाले टॉप 5 प्रत्याशियों के इंटरव्यू लेंगे। इंटरव्यू के बाद यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष का ऐलान होता है। प्रत्याशियों को मिले वोट की संख्या सामने आ चुकी है। जैसे ही पता चला कि अभिमन्यु पूनिया सबसे ऊपर हैं तभी दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले सुधीन्द्र मूंड और यशवीर सूरा ने वोट काउंटिंग में गड़बड़ी के आरोप लगा दिए। उनका कहना है कि उनके समर्थन में हुए लाखों वोटों को गलत तरीके से रिजेक्ट कर दिया गया। इन शिकायतों के कारण इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई।
चुनावी साल में तालमेल बनाए रखने की कोशिश
राजस्थान में इसी साल विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में कांग्रेस नहीं चाहती की यूथ विंग में कोई विवाद हो। सभी युवा नेताओं को साथ लेकर चलने की कवायद में मंगलवार 13 जून को यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मोहम्मद शाहिद ने अभिमन्यु पूनिया, सुधीन्द्र मूंड और यशवीर सूरा तीनों प्रत्याशियों को यूथ कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की घोषणा की। शाहिद ने कहा कि जब तक इंटरव्यू प्रक्रिया नहीं होती तब तक तीनों नेता मिलकर काम करेंगे। इन्हें अलग अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।
पिछले चुनावों में भी हुआ था विवाद
तीन साल पहले हुए यूथ कांग्रेस के चुनाव में भी फर्जीवाड़े के आरोप लगे थे। पार्टी की ओर से पहले सुमित भगासरा को यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष घोषित किया। बाद में शिकायतें मिली कि ऑनलाइन वोटिंग में हेराफेरी हुई है। जांच के बाद दोबारा से परिणाम घोषित किया गया जिसमें सुमित भगासरा के चयन को रद्द करके विधायक मुकेश भाकर को यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष घोषित किया गया। जुलाई 2020 में जब सचिन पायलट समर्थित विधायकों ने बगावती तेवर अपनाए थे तब कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के सभी पदाधिकारियों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। बाद में विधायक गणेश घोघरा को यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया।
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