ईरान युद्ध खत्म होने का इंतजार कर रहे ये खरीदार, स्टॉक बढ़ाने के बजाय घटा दी खरीद, प्लान समझिए
Updated on
25-03-2026 12:35 PM
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण हर तरफ हड़कंप मचा है। ज्यादा से ज्यादा स्टॉक भरने पर फोकस है। हालांकि, भारतीय वनस्पति तेल रिफाइनरियों का प्लान कुछ उलटा है। वे पाम तेल, सोया तेल और सूरजमुखी तेल की खरीद कम कर रही हैं। इन खरीदारों को उम्मीद है कि ईरान युद्ध के कारण कीमतों में आई तेजी ज्यादा समय तक नहीं रहेगी। युद्ध खत्म होने के बाद वे अपना स्टॉक फिर से भर पाएंगी। उद्योग के अधिकारियों ने रॉयटर्स को यह जानकारी दी।
भारत दुनिया में वनस्पति तेलों का सबसे बड़ा आयातक है। यह अगर खरीद कम करता है तो इससे मलेशियाई पाम तेल और अमेरिकी सोया तेल की कीमतों में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है। वहीं, इससे स्थानीय वनस्पति तेलों की कीमतों और घरेलू तिलहन किसानों को मदद मिलेगी।
ग्लोबल मार्केट में पर्याप्त स्टॉक
इस महीने की शुरुआत में पाम तेल की कीमतें एक साल से भी ज्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थीं। इसकी वजह यह उम्मीद थी कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल (क्रूड) की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से बायोडीजल क्षेत्र में ट्रॉपिकल ऑयल की मांग बढ़ेगी।एक प्रमुख खाद्य तेल आयातक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'घबराकर खरीदने की कोई जरूरत नहीं है। वैश्विक बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जैसे ही युद्ध खत्म होगा, कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी।' इस कंपनी ने मार्च और अप्रैल की डिलीवरी के लिए आयात कम कर दिया है।
भारत आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर
भारत अपनी वनस्पति तेल की जरूरतों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात से पूरा करता है। अक्टूबर 2025 में समाप्त हुए मार्केटिंग वर्ष में भारत ने औसतन 13.6 लाख टन तेल प्रति माह आयात किया था।
ग्लोबल ट्रेड हाउस के तीन डीलरों के अनुमान के अनुसार, मार्च में इंपोर्ट घटकर लगभग 11 लाख टन रहने की संभावना है। इसमें पाम तेल की खेप लगभग 6,80,000 टन रहने का अनुमान है। यह पिछले महीने के 8,47,689 टन से कम है।
वेजिटेबल ऑयल ब्रोकरेज और कंसल्टेंसी फर्म 'सनविन ग्रुप' के सीईओ संदीप बजोरिया ने कहा, 'भारतीय खरीदार पिछले कुछ दिनों से ज्यादातर इंतजार की मुद्रा में हैं। पाम तेल की कीमतों में हालिया गिरावट से कुछ खरीदारी हो सकती है। लेकिन, कुल मिलाकर बाजार का रुख अभी भी 'देखो और इंतजार करो' वाला ही है।'
संतोषजनक है स्टॉक का लेवल
एक ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस के मुंबई स्थित डीलर ने बताया कि हाल के महीनों में हुए आयात से स्टॉक का स्तर काफी संतोषजनक है। इससे भारतीय खरीदारों को यह उम्मीद बंधी है कि युद्ध ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।
डीलर ने बताया कि भारत की नई सीजन की रेपसीड (सरसों) फसल की सप्लाई शुरू हो गई है। इस फसल का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है। इससे आयात में आई कमी की कुछ हद तक भरपाई करने में मदद मिलेगी। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल खरीदता है। साथ ही अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से सोया तेल और सूरजमुखी तेल आयात करता है।
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