इन कंपनियों ने दिया है सबसे ज्यादा चुनावी चंदा, जानिए करती क्या हैं ये
Updated on
15-03-2024 01:03 PM
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने चुनावी बॉन्ड खरीदने वाली टॉप कंपनियों की डिटेल को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। दो पार्ट में इस डिटेल को अपलोड किया गया है। इसमें पहले पार्ट में 337 पेज हैं। इसमें चुनावी बॉन्ड खरीदने वाली कंपनियों और संस्थानों के नाम, खरीद की तारीख और पैसों की जानकारी शामिल है। चुनाव आयोग ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ओर से सुप्रीम कोर्ट को सौंपा गया चुनावी बॉन्ड का पूरा डेटा अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक की ओर से 2018 में शुरू हुई योजना के बाद से अब तक 30 किस्तों में 16,518 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी सार्वजनिक की गई है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से वेबसाइट पर अपलोड किए गए आंकड़ों के मुताबिक, राजनीतिक पार्टियों को फंड देने वालों में गेमिंग से लेकर इंफ्रा और माइनिंग तक कई कंपनियां शामिल हैं। आईए आपको बताते हैं राजनीतिक पार्टियों को फंड देने वाली ये कंपनियां आखिर करती क्या हैं और इन्होंने राजनीतिक पार्टियों को कितना चंदा दिया है।
इन कंपनियों ने दिया सबसे ज्यादा चंदा
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से वेबसाइट पर अपलोड किए गए आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनियों में पहले नंबर पर फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज का नाम शामिल है। कंपनी ने 1368 करोड़ रुपये का फंड दिया है। फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 तक इस लिस्ट में टॉप पर है। दूसरे नंबर पर मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने इसने 966 करोड़ रुपये का फंड दिया है। इसके बाद क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड 410 करोड़ रुपये, हल्दिया एनर्जी लिमिटेड 377 करोड़ रुपये, वेदांता लिमिटेड 376 करोड़, एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड 225 करोड़, वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड 220 करोड़, भारती एयरटेल 198 करोड़, केवेंटर फूड पार्क इंफ्रा लिमिटेड 195 करोड़, एमके एंटरप्राइजेज लिमिटेड 192 करोड़ रुपये का चंदा दिया है।
क्या करती हैं ये कंपनियां
फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड लॉटरी व्यवसाय में है। कंपनी का मुख्यालय कोयंबटूर में साल 1991 में स्थापित हुआ था। मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड डैम और पॉवर प्रोजेक्ट्स में है। क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन के बिजनेस में है। हल्दिया एनर्जी लिमिटेड का वेस्ट बंगाल में थर्मल पॉवर प्लांट है। वेदांता लिमिटेड की बात करें तो ये देश की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनी है. इस कंपनी की स्थापना 25 जून 1965 को हुई. कंपनी का हेडक्वार्टर महाराष्ट्र के मुंबई में है। एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ईएमआईएल), 1950 में स्थापित, भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क खनन कंपनियों में से एक है। वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड बिजली के प्रोडक्टशन और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। भारती एयरटेल दूरसंचार कंपनी है। यह ब्रांडबैंड सेवाएं भी देती है। केवेंटर फूड पार्क इंफ्रा लिमिटेड डेयरी प्रोडक्ट्स का बिजनेस करती है। कंपनी की स्थापना 17 जून 2010 को हुई थी। कंपनी का हेडक्वार्टर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में है।
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