जितनी आपकी सैलेरी है, उतने का चॉकलेट खरीद कर खा लेते हैं ये अमीरजादे
Updated on
14-12-2023 02:38 PM
नई दिल्ली: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले मध्यमवर्गीय या निम्न मध्यमवर्गीय लोगों की हालत चक्की के दो पाटों के बीच पिसने वाले अनाज की भांति हो गई है। एक ओर दफ्तर में उनकी सैलेरी में पर्याप्त इजाफा नहीं हो रहा है। छंटनी की तलवार लटकती ही रहती है। दूसरी तरफ खाने-पीने की चीजें महंगी होती जा रही हैं। ऊपर से दिखावा अलग से जान मार रहा है। स्थिति यह हो गई है कि भारतीय 13 हजार रुपये से 65,000 रुपये प्रति बॉक्स के रेट पर बिकने वाले इंपोर्टेड चॉकलेट धड़ल्ले से खरीद रहे हैं। प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले अधिकतर मजदूरों की महीने की सैलेरी भी इतनी ही होती है।
तेजी से बढ़ रही है प्रीमियम इंपोर्टेड चॉकलेट की मांग
ईटी में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक इन दिनों लक्जरी और प्रीमियम इंपोर्टेड चॉकलेट की मांग तेजी से बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत ने 27.84 मिलियन डॉलर मूल्य की चॉकलेट का इंपोर्ट किया है। यह आंकड़ा साल-दर-साल 45% की ग्रोथ दर्शाता है। इनमें से अधिकतर बेल्जियम और यूके जैसे देशों से आते हैं।
इतने महंगे हैं प्रीमियम चॉकलेट
भारत में इंपोर्टेड चॉकलेट के वितरक कोकोकार्ट के को-फाउंडर करण आहूजा का कहना है कि कंपनियों की आधी बिक्री प्रीमियम चॉकलेट कैटिगरी से हुई थी। कुछ लोगों द्वारा डार्क चॉकलेट को सुपरफूड मानने के कारण, कुछ वर्षों में बाजार पहचान से परे हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी ने 2022 में इतालवी ब्रांड वेंची लॉन्च किया, जिसका कोकोकार्ट में सबसे महंगा उत्पाद उनका 54-पीस चॉकलेट सिगार बॉक्स है, जिसमें पांच किलोग्राम मिक्स्ड चॉकलेट सिगार की कीमत 64,995 रुपये है। कोकोकार्ट 2024 में बटलर, लियोनिडास, गुइलियन और कार्टराईट एंड बटलर जैसे ब्रैंड पेश करने पर भी विचार कर रहा है, जो बेल्जियम और यूके से इंपोर्ट किए जाते हैं।
कुछ और प्रीमियम ब्रांड भारत आने वाले हैं
सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि आने वाले दिनों में और अधिक आयातित प्रीमियम ब्रैंड भारत में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं। भारत में स्विस लग्जरी चॉकलेट ब्रैंड Läderach (लेडेराच) की प्रवक्ता संस्कृति गुप्ता ने ईटी को बताया कि स्विस चॉकलेट ब्रैंड जो भारत में अपनी शुरुआत के बाद महत्वपूर्ण लोकप्रियता हासिल कर चुका है, डीएस समूह के साथ साझेदारी में महत्वपूर्ण भारतीय बाजारों में प्रवेश करने की योजना बना रहा है। लेडेराच की 64 ग्राम टैबलेट के लिए 1,050 रुपये से लेकर प्रालिन्स और ट्रफल्स के 72-पीस बॉक्स के लिए 16,700 रुपये तक कीमत है।
अमीरजादे किस तरह के चॉकलेट पसंद करते हैं
चॉकलेट इंडस्ट्री के इनसाइडर का कहना है कि भारत में लक्जरी और प्रीमियम चॉकलेट पसंद करने वाले आर्गेनिक प्रोडक्ट खोजते हैं। लोग डार्क चॉकलेट खूब खोजते हैं। इसके अलावा वीगन ग्लूटेन फ्री और सुगर फ्री चॉकलेट की भी खूब मांग निकल रही है।
चॉकलेट की बढ़ रही है स्वीकार्यता
वैसे भी पिछले कुछ सालों से समाज में चॉकलेट की स्वीकार्यता बढ़ी है। जिस तरह से मिलावटी मिठाई की खबरें फैल रही है, उसे देखते हुए लोग त्योहारों या मांगलिक अवसरों पर भी चॉकलेट के डिब्बे भेंट करने लगे हैं। अपने ही घर के बच्चों को एक तरफ लड्डू और दूसरी तरफ चॉकलेट का डिब्बा दिखाएं तो वह लड्डू को छोड़ चॉकलेट का डिब्बा लेने को दौड़ेगा।
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