अमेरिका में 23 साल में पहली बार हुआ ऐसा... काम नहीं आ रही डोनाल्ड ट्रंप की कोई तरकीब
Updated on
03-03-2025 03:02 PM
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे और अंतिम कार्यकाल में अपने देश को फिर से महान बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह एक के बाद एक ताबड़तोड़ कई फैसले ले रहे हैं। उनके फैसलों ने दुनिया के कई देशों की नींद हराम कर रखी है। लेकिन ट्रंप देश के बढ़ते कर्ज को रोकने में अब तक नाकाम रहे हैं। जनवरी में अमेरिका का नेट इंटरेस्ट पेमेंट फेडरल गवर्नमेंट के कुल रेवेन्यू का 18.7% पहुंच गया जो 1990 के दशक के बाद सबसे ज्यादा है। साल 1992 में यह 18.9% के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था और जनवरी में उससे केवल 20 बेसिस पॉइंट कम रह गया। यानी यह 23 साल के उच्चतम स्तर पर रहा।
ब्याज का लागत बढ़ने से पिछले 18 महीनों में अमेरिका का नेट इंटरेस्ट पेमेंट दोगुना हो चुका है। पिछले 12 महीनों में अमेरिका का ब्याज भुगतान 1.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। अब फेडरल गवर्नमेंट का सोशल सिक्योरिटी बजट ही इससे ज्यादा रह गया है। यानी अमेरिका का डिफेंस, हेल्थ और दूसरे जरूरी कामों से ज्यादा पैसा कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए देना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि अगर यही स्थिति रही और अमेरिका को मंदी का सामना नहीं करना पड़ा तो साल 2054 तक अमेरिका का नेट इंटरेस्ट पेमेंट फेडरल रेवेन्यू का 34% तक पहुंच सकता है।
कितना पहुंचा कर्ज
अमेरिका का कर्ज 36 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है जो देश की जीडीपी का करीब 125 फीसदी है। दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका का कर्ज पिछले 24 साल में छह गुना बढ़ गया है। साल 2000 में अमेरिका पर 5.7 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जो अब 34.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। साल 2010 में यह 12.3 ट्रिलियन डॉलर और 2020 में 23.2 ट्रिलियन डॉलर था। यूएस कांग्रेस के बजट दस्तावेजों के मुताबिक अगले दशक तक देश का कर्ज 54 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। अमेरिका को रोजाना 1.8 अरब डॉलर ब्याज के भुगतान में खर्च करने पड़ रहे हैं।
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