ओल्ड टैक्स रिजीम में टैक्स राहत के लिए आज आखिरी मौका, नहीं भरा तो...
Updated on
31-07-2024 05:58 PM
नई दिल्ली: आज इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का आखिरी दिन है। ऐसे में ओल्ड टैक्स रिजीम में आने वाले टैक्सपेयर्स जिन्होंने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, वे आज इसे निपटा लें। 1 अगस्त से फाइनैंशल ईयर 2023-24 (असेसमेंट ईयर 2024-25) के लिए ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत ITR भरने का ऑप्शन बंद हो जाएगा। तय समय पर ITR नहीं भरने पर इनकम टैक्स की धारा 234A के तहत 5,000 रुपये का जुर्माना और ब्याज भी देना होगा।
31 जुलाई के बाद ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत छूट क्लेम करने का विकल्प खत्म हो जाएगा। अगर आप 31 जुलाई तक ITR फाइल करते हैं तो आपके सामने टैक्स स्लैब चुनने के दो विकल्प होते हैं। फिलहाल न्यू टैक्स रिजीम बाय डिफॉल्ट है। लेकिन जो टैक्सपेयर्स ओल्ड टैक्स रिजीम चुनना चाहते हैं और डिडक्शन का लाभ लेकर आयकर बचाना चाहते हैं, उनके लिए ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प है। इसका मतलब है कि 31 जुलाई तक आप न्यू टैक्स रिजीम से ओल्ड टैक्स रिजीम में शिफ्ट हो सकते हैं। लेकिन 31 जुलाई के बाद ये विकल्प खत्म हो जाएंगे। ऐसे में अगर आप किराये पर रहते हैं या फिर होम लोन ले रखा है, यानी डिडक्शन का लाभ लेकर ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत आयकर बचाना चाहते हैं तो हर हाल में आप 31 जुलाई तक आईटीआर फाइल कर दें।
EL वापस, अब नहीं लगेगा टैक्स
एक विदेशी संस्था जो किसी ग्राहक को ऑनलाइन संगीत या किताब बेच रही है, अब इस डिजिटल टैक्स का भुगतान नहीं करेगी। अब इसका भार भारतीय ग्राहक पर पड़ सकता है। दरअसल, डिजिटल टैक्स या फिर गूगल टैक्स के नाम से पहचाने जाने वाली Equalisation Levy (EL) को सरकार ने वापस ले लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में इसका एलान किया। सरकार के मुताबिक गुरुवार 1 अगस्त से ये लागू नहीं होगी। ये शुल्क साल 2016 में लगाया गया था। इसका मकसद भारत से विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों को हो रही आय पर टैक्स लगाना था। इस शुल्क को हटाने से डिजिटल कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
HDFC क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल महंगा
प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank 1 अगस्त से PayTM, CRED, MobiKwik और Cheq जैसे थर्ड-पार्टी पेमेंट ऐप से किए जाने वाले सभी रेंटल ट्रांजैक्शन पर ट्रांजैक्शन राशि का 1% चार्ज वसूलेगी, जिसकी मैक्सिमम लिमिट 3,000 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी। इसके अलावा एजुकेशनल ट्रांजैक्शन के लिए थर्ड पार्टी ऐप के माध्यम से भुगतान पर भी चार्ज को बढ़ाकर 1% कर दिया गया है। एचडीएफसी बैंक के कंस्यूमर कार्डधाकरकों को यूटिलिटी के लिए 50,000 रुपये से कम के ट्रांजैक्शन पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। इससे अधिक के पेमेंट पर आपको 1 प्रतिशत प्रति भुगतान शुल्क चुकाना पड़ेगा, जिसकी 3000 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन लिमिट है।
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