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आज 'कयामत' की रात... अमेरिका शुरू करेगा टैक्स लेना! भारत पर पड़ने वाला असर जानें, क्या ट्रंप को मिलेगा जवाब?

Updated on 02-04-2025 01:00 PM
नई दिल्ली: आज 2 अप्रैल है। आज की रात कयामत की रात है। वह इसलिए क्योंकि अमेरिका का जवाबी टैरिफ (टैक्स) भारत समेत दुनिया के कई देशों में लागू हो जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही इसके बारे में घोषणा कर चुके हैं। वह आज रात (अमेरिकी समयानुसार दिन में) इस टैरिफ आ अंतिम ऐलान कर सकते हैं। अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद दुनियाभर में व्यापार से जुड़ी तस्वीर बदल जाएगी। इसका असर भारत पर भी दिखाई देगा। हालांकि अमेरिका भी बचा नहीं रहेगा।

दरअसल, भारत में ऊंचे टैक्स हमेशा से अमेरिका को परेशान करते रहे हैं। इस साल भी अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) की सालाना रिपोर्ट में इसका जिक्र है। रिपोर्ट में कई चीजों पर ज्यादा टैक्स लगाने की बात कही गई है। इनमें गाड़ियां, शराब और खेती से जुड़े प्रोडक्ट शामिल हैं। इस बार रिपोर्ट में इंटरनेट बंद करने, खुले इंटरनेट, डेटा को देश में रखने की जरूरत और eSIM से जुड़े नए नियमों को भी शामिल किया गया है।

भारत कितना लेता है टैक्स?

रिपोर्ट का ज्यादातर हिस्सा टैक्स से जुड़ी चिंताओं पर है। ये चिंताएं अमेरिकी कंपनियों ने USTR के सामने रखी हैं। इनमें से ज्यादातर बातें पिछले साल भी कही गई थीं। जैसे कि वनस्पति तेल (45%), सेब, मक्का और मोटरसाइकिल (50%), गाड़ियां और फूल (60%), प्राकृतिक रबर (70%), कॉफी, किशमिश और अखरोट (100%) और शराब (150%) पर ज्यादा टैक्स लगाया जाता है।

खेती से जुड़े उत्पादों जैसे आलू, मुर्गी, बादाम, सेब, पेकान, अंगूर और फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज पर भी ज्यादा टैक्स लगाने की बात कही गई है। ट्रंप भी अक्सर इन चीजों पर ज्यादा टैक्स लगाने की बात करते रहे हैं। यानी ट्रंप का संदेश है कि भारत जितना टैक्स लगाता है, अमेरिका भी उतना ही टैक्स लगाएगा।

मार्च में निर्यात में आई तेजी

कई व्यवसायों ने मार्च के महीने में निर्यात में तेजी देखी है। हालांकि, जवाबी शुल्क से शिपमेंट पर असर पड़ने की आशंका है। यह तब तक रहेगा जब तक कि भारत और अमेरिका अपने मतभेदों को दूर नहीं कर लेते।

कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह ने कहा कि ऑर्डर पहले ही आ चुके हैं। उन्हें डर है कि अगले कुछ महीनों में मांग कम हो सकती है। उन्होंने कहा, 'आपने देखा होगा कि मार्च में निर्यात अच्छा रहा है, लेकिन हमें कुछ महीनों के लिए कुछ परेशानी की उम्मीद है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने के बाद चीजें बेहतर होनी चाहिए।'

भारत में क्या पड़ेगा असर?

निर्यातकों को डर है कि आने वाले महीनों में मांग में कमी आएगी। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि शुल्क लगने से अमेरिकी बाजार में कीमतें बढ़ जाएंगी। भारत की रणनीति का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि वह दूसरे व्यापार समझौतों के लिए तेजी से बातचीत करे।
वहीं भारत सरकार अमेरिका के साथ व्यापार को लेकर सावधानी बरत रही है। वह हर पहलू पर नजर रख रही है और बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है। सरकार का मानना है कि शुल्क कम करने से देश में चीजें बनेंगी और भारत व्यापार के मामले में और भी आगे बढ़ेगा।

टैक्स की गणना पर नजर

जब अमेरिका बुधवार को जवाबी शुल्क की घोषणा करेगा तो भारत सरकार इस बात पर ध्यान रखेगी कि शुल्क की गणना कैसे की जाती है। ट्रंप ने कुछ देशों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी और आयातित सामानों पर लगने वाले VAT के बारे में भी बात की थी।

इसके अलावा, प्रतिद्वंद्वी देशों पर शुल्क कैसे लगाए जाते हैं, यह भी देखना होगा। इसमें उत्पादों पर होने वाली कार्रवाई भी शामिल है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ही भारत अपनी प्रतिक्रिया तय करेगा।

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