अजित पवार को श्रद्धाजंली, विमान हादसे पर डोटासरा ने PM मोदी से पूछा सवाल, इन नेताओं ने जताया शोक
Updated on
28-01-2026 02:43 PM
जयपुर: महाराष्ट्र के बारामती हादसे में अजित पवार की मौत के बाद पूरी देश में शोक की लहर है। इस दुखद घटना पर राजस्थान के नेताओं ने भी शोक जताया है। राजस्थान में आज शुरू हुए विधानसभा सत्र में भी अजित पवार के निधन पर सदन के नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की। बता दें कि इस दर्दनाक विमान दुर्घटना में अजित पवार के साथ 4 अन्य लोगों (पायलट और सुरक्षाकर्मी) की भी मृत्यु हो गई। पवार महाराष्ट्र में होने वाले आगामी जिला परिषद चुनावों के लिए निजी चाटर्ड प्लेन से आज सुबह मुंबई से बारामती जा रहे थे , जो रास्ते में ही क्रेश हो गया।
सीएम भजनलाल सहित इन नेताओं ने जताया शोक
अजित पवार के निधन पर सूबे के CM भजनलाल शर्मा ने शोक जताया है। उन्होंने X पर लिखा कि 'महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जी की विमान दुर्घटना में निधन की सूचना अत्यंत दुखद और स्तब्धकारी है। एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी नेता और समर्पित जनसेवक के रूप में उन्होंने महाराष्ट्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस दुःख की घड़ी में मेरी गहन संवेदनाएं उनके परिजनों, समर्थकों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल पवार परिवार को यह असीम पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें'। इसी तरह राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी अजित पवार के निधन पर शोक जताया है।
विपक्ष के नेताओं ने भी जताया शोक, उठाया सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने हादसे पर दुख जताया। इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा ने अजित पवार विमान हादसे का जिक्र करते हुए इसे सीडीएस विपिन रावत और पूर्व सीएम विजय रूपाणी के हादसों से जोड़ा। डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री से मांग की कि इन सभी विमान हादसों की सत्यता की विस्तृत जांच कराकर रिपोर्ट देश के सामने रखी जानी चाहिए।
जानें अजित पवार के राजनीतिक करियर के बारे में
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी खास पहचान रखने वाले अजित पवार 1991 में पहली बार बारामती से लोकसभा सांसद चुने गए, लेकिन बाद में अपने चाचा शरद पवार के लिए उन्होंने यह सीट छोड़ दी। 1991 से ही लगातार 7 बार बारामती विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। अजित पवार ने अकेले ऐसे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री है, जिन्होंने 6 बार इस पद पर शपथ ली। इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण मंत्रालय और पद संभाल चुके हैं। 2023 में अपने चाचा पवार से अलग होकर उन्होंने बीजेपी से गठबंधन किया था। महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें 'अजित दादा' के नाम से जाना जाता था।
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