Select Date:

दवा कंपनियों पर टैरिफ लगाने की तैयारी में ट्रंप, जानें भारत पर क्या पड़ेगा असर, किन्हें मिली छूट?

Updated on 02-04-2026 01:05 PM
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द कुछ दवा कंपनियों पर नया टैरिफ लगाने की घोषणा कर सकते हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से उन कंपनियों को बड़ा नुकसान हो सकता है जिन्होंने अमेरिका में दवाओं की कीमतें कम रखने की गारंटी देने वाले समझौतों पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन आयातित ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100% तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रही है। इस संभावित कदम से वैश्विक दवा कंपनियां अमेरिका में अपने उत्पादन को बढ़ाने और स्टॉक जमा करने में जुट गई हैं। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का असर उन भारतीय कंपनियों पर भी पड़ेगा जो अमेरिका में दवाएं भेजती हैं।

कुछ कंपनियों को मिली छूट

ट्रंप के इस फैसले से कुछ बड़ी फार्मा कंपनियों को राहत मिल सकती है। वह इसलिए क्योंकि इन कंपनियों ने पहले ही समझौते पर साइन कर दिए हैं। ये इस प्रकार हैं:
  • Pfizer और AstraZeneca: इन कंपनियों ने कम कीमतों और नए TrumpRx.gov प्लेटफॉर्म के प्रति प्रतिबद्धता जताकर कई वर्षों के लिए टैरिफ छूट हासिल कर ली है।
  • Eli Lilly, Johnson & Johnson और Merck: इन कंपनियों ने टैरिफ से बचने के लिए अमेरिका में अपने ऑपरेशन विस्तार के उद्देश्य से अरबों डॉलर के निवेश का वादा किया है।

अंतिम नहीं है यह फैसला!

रिपोर्ट के अनुसार, जिन कंपनियों ने अब तक सरकार के साथ कोई समझौता नहीं किया है या बातचीत नहीं कर रही हैं, उन पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। हालांकि, यह योजना अभी अंतिम नहीं है और इसमें बदलाव संभव है। कुछ दवाओं और बीमारियों से जुड़े प्रोडक्ट को छूट भी दी जा सकती है।

भारत पर क्या असर?

ट्रंप प्रशासन अगर यह फैसला लागू करता है तो इसका असर भारत समेत वैश्विक फार्मा इंडस्ट्री पर पड़ सकता है। साथ ही दवा कंपनियों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
  • अगर अमेरिका आयातित दवाओं पर भारी टैरिफ लगाता है, तो भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में दवाएं बेचना महंगा हो सकता है। इससे निर्यात घटने और मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है।
  • भारत की ताकत जेनेरिक दवाओं में है। ट्रंप प्रशासन के नियमों में जेनेरिक दवाओं (जो भारत सबसे ज्यादा निर्यात करता है) को छूट दी गई है। अगर टैरिफ मुख्य रूप से ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर लगता है, तो भारतीय कंपनियों को अवसर मिल सकता है क्योंकि वे कम कीमत पर विकल्प दे सकती हैं।
  • अगर निर्यात घटता है, तो कंपनियां घरेलू बाजार पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं, जिससे भारत में दवाओं की उपलब्धता बढ़ सकती है या कीमतों पर असर पड़ सकता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 17 July 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल (Crude Oil Price) में इन दिनों जो आग लगी हुई है, उससे दुनिया का हर देश परेशान है। यूरोपीय यूनियन (EU) ने तो इससे निजात पाने…
 17 July 2026
नई दिल्ली: इनकम टैक्स विभाग ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स (CII) बढ़ा दिया है। इसका इस्तेमाल जमीन-जायदाद (प्रॉपर्टी), शेयर और गहने बेचने पर होने वाले…
 17 July 2026
नई दिल्ली: सैटकॉम के क्षेत्र में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को कड़ी टक्कर मिलने वाली है। स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe ने रिलायंस जियो के लगभग 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO)…
 17 July 2026
नई दिल्‍ली: यह कहानी है मुंबई के रहने वाले अमन सेन की। उन्‍होंने लीक से हटकर अपना खुद का रास्‍ता बनाया। कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर उन्‍होंने कारोबार…
 17 July 2026
नई दिल्ली: अगर आप कोई मकान किराए पर लेते हैं तो मकान मालिक को सिक्योरिटी डिपॉजिट देना पड़ता है। यह रकम दो या तीन महीने के किराए के बराबर होती…
 17 July 2026
नई दिल्ली: देश में जल्दी ही प्लास्टिक के नोट देखने को मिल सकते हैं। आरबीआई ने नोटों की छपाई के लिए ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट शीटों के निर्माण तथा आपूर्ति के…
 17 July 2026
कानपुर: कानपुर का अपना पराग मिल्क ब्रैंड जल्द ही आम लोगों के घरों में दोबारा दस्तक देगा। नैशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने मदर डेयरी ब्रैंड से 2019 से तैयार मिल्क…
 16 July 2026
नई दिल्ली: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजार आज तेजी के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 250 अंक से अधिक उछल गया जबकि नेशनल स्टॉक…
 16 July 2026
नई दिल्ली: रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका के प्रस्तावित टैरिफ से ग्लोबल ऑयल मार्केट में नई अस्थिरता आ सकती है। लेकिन, सीमित अतिरिक्त प्रोडक्शन क्षमता और जारी…
Advt.