Select Date:

भारत में कम हुईं यूनिकॉर्न कंपनियां:अब इनकी संख्या 67 रह गई, अमेरिका 703 यूनिकॉर्न के साथ टॉप पर

Updated on 10-04-2024 02:07 PM

बीते चार साल में पहली बार भारत में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या कम हुई है। हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2024 के मुताबिक 2023 में भारत में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या घटकर 67 रह गई है। 2022 और 2023 में भारत में 68 यूनिकॉर्न कंपनियां थीं।

2017 के बाद पहली बार यूनिकॉर्न की तादाद घटी है। हालांकि, दूसरे देशों में भारत से ज्यादा यूनिकॉर्न घटे हैं। 1 अरब डॉलर (8,300 करोड़ रुपए) या इससे ज्यादा वैल्युएशन वाले स्टार्टअप यूनिकॉर्न कहलाते हैं।

बायजूस लिस्ट से बाहर होने से आई यूनिकॉर्न में कमी
हुरुन ने एडुटेक कंपनी बायजूस को यूनिकॉर्न की लिस्ट से बाहर कर दिया है। एक साल पहले बायजूस की वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर से अधिक थी, लेकिन वर्तमान में इसकी वैल्यूएशन भारी गिरावट के साथ 1 अरब डॉलर से भी कम हो चुकी है। बायजूस की वैल्यूएशन में आई बड़ी गिरावट, पूरी दुनिया में किसी भी स्टार्टअप में आई गिरावट में सबसे ज्यादा है।

अमेरिका में 21 और चीन में 11 यूनिकॉर्न कम हुए
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक दुनियाभर में 42 स्टार्टअप्स यूनिकॉर्न क्लब से बाहर हो गए। इसका मतलब है कि इनकी बाजार वैल्यू 8,300 करोड़ रुपए से कम रह गई। सबसे ज्यादा 21 यूनिकॉर्न अमेरिका में कम हुए। चीन में भी 11 स्टार्टअप्स यूनिकॉर्न क्लब से बाहर हो गए।

अमेरिका में सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न, भारत तीसरे नंबर पर
इंडेक्स के मुताबिक, सबसे ज्यादा 703 यूनिकॉर्न के साथ अमेरिका टॉप पर और 240 यूनिकॉर्न के साथ चीन दूसरे नंबर पर है। संख्या के मामले में दुनिया में भारत का तीसरा नंबर बरकरार है।
इस इंडेक्स में उन गैर-लिस्टेड कंपनियों (यूनिकॉर्न) को शामिल किया जाता है, जिनकी स्थापना 2,000 के दशक में की गई थी।

देश के बाहर भारतीयों ने 109 यूनिकॉर्न शुरू किए
हुरन इंडिया के चीफ रिसर्चर अनस रहमान जुनैद का कहना है कि 1,453 यूनिकॉर्न की लिस्ट में भारतीय यूनिकॉर्न्स की संख्या में गिरावट, इक्विटी इंडेक्स पर मुनाफे के बावजूद स्टार्टअप्स में निवेश की कमी के कारण है। इसके अलावा देश के बाहर कंपनी शुरू करने की प्रवृत्ति ने भी भारत के लिए संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया है। भारत के फाउंडर्स ने देश के बाहर 109 यूनिकॉर्न शुरू किए, जबकि देश के अंदर उनकी संख्या 67 थी।

बाइटडांस दुनिया का टॉप यूनिकॉर्न
ग्लोबल यूनिकॉर्न लिस्ट में सबसे टॉप पर टिकटॉक की पेरेंट कंपनी बाइटडांस है, जिसकी वैल्यूएशन 220 अरब डॉलर, यानी करीब 16.64 लाख करोड़ रुपए है। उसके बाद 180 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ एलन मस्क की स्पेसएक्स और 100 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ माइक्रोसॉफ्ट के निवेश वाला स्टार्टअप ओपनAI है।

स्विगी और ड्रीम 11 टॉप इंडियन यूनिकॉर्न
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी और फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी ड्रीम 11 भारत के सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाले स्टार्टअप्स हैं। दोनों का वैल्यूएशन 8 बिलियन डॉलर, यानी करीब 66.57 हजार करोड़ रुपए है। इसके बाद रेजरपे का नंबर है, जिसका वैल्यूएशन 7.5 बिलियन डॉलर, यानी करीब 62.41 हजार करोड़ रुपए है। स्विगी और ड्रीम 11 का दुनिया में 83वां नंबर है, जबकि रेजरपे 94वीं पोजिशन पर है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 August 2026
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
 01 August 2026
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
 01 August 2026
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
 01 August 2026
नई दिल्ली: भारत के सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में जुलाई 2026 के दौरान जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी मासिक…
 31 July 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश के छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च आसान करने के लिए एजुकेशन लोन के नियमों में बड़ी ढील देने जा रही है। सरकार का टारगेट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
 31 July 2026
नई दिल्ली: जिंदगी में जब सब कुछ खत्म होता नजर आता है, तब कभी-कभी वहीं से एक नई और शानदार शुरुआत का रास्ता भी निकलता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर…
 31 July 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…
Advt.