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रिश्वतखोरी को लेकर US-एजेंसी कर रही अडाणी ग्रुप की जांच:ग्रुप ने कहा- हमें ऐसी किसी भी जांच की जानकारी नहीं है

Updated on 16-03-2024 01:29 PM

अमेरिका में अडाणी ग्रुप और ग्रुप के चेयरपर्सन गौतम अडाणी के खिलाफ जांच की जा रही है। यह जांच इस बात को लेकर हो रही है कि अडाणी ग्रुप, गौतम अडाणी या उनसे जुड़े लोगों ने क्या भारतीय अधिकारियों को एक एनर्जी प्रोजेक्ट में मन मुताबिक काम करवाने के लिए रिश्वत दी थी?

इसके साथ ही गौतम अडाणी के आचरण को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। अमेरिकी न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी एज्योर पावर ग्लोबल भी जांच के दायरे में शामिल है।

न्यूयॉर्क के पूर्वी डिस्ट्रिक्ट का अटॉर्नी ऑफिस और वाशिंगटन के न्याय विभाग की फ्रॉड यूनिट इस मामले की जांच कर रही है।

अडाणी ग्रुप को ऐसी किसी भी जांच की जानकारी नहीं
अडाणी ग्रुप ने कहा कि हमें हमारे ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी के खिलाफ जारी ऐसी किसी भी जांच के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हमारा बिजनेस ग्रुप उच्च स्तरीय मानकों पर काम करता है। हम भारत सहित अन्य देशों के भ्रष्टाचार विरोधी कानून के अधीन हैं और उसका पालन करते हैं।

अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया
रिपोर्ट में बताया गया है कि अटॉर्नी ऑफिस और वाशिंगटन के न्याय विभाग के अधिकारियों ने इस मामले पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से मना कर दिया है। बता दें कि अमेरिका का कानून अपने अधिकारियों को विदेश में हुए भ्रष्टाचार के मामलों में क्रॉस एग्जामिनेशन और जांच करने की अनुमति देता है। हालांकि, उस मामले में अमेरिकी इंवेस्टर्स का पैसा लगा होना चाहिए।

पिछले साल हिंडनबर्ग ने अडाणी ग्रुप पर लगाए थे शेयर मैनिपुलेशन के आरोप
24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर शेयर मैनिपुलेशन जैसे आरोप लगाए थे। केस की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 6 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसके अलावा मार्केट रेगुलेटर SEBI को भी जांच करने के लिए कहा था।

SEBI जांच में अब तक क्या-क्या हुआ?

2 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक कमेटी बनाई थी और SEBI को भी जांच के लिए 2 महीने का समय दिया था।

SEBI को 2 मई तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन SEBI ने सुनवाई के दौरान जांच के लिए 6 महीने की मोहलत मांगी।

बेंच ने इसे अगस्त तक बढ़ा दिया। यानी SEBI को अपनी जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कुल 5 महीने का समय मिला।

14 अगस्त को SEBI ने अपनी जांच पूरी करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट से 15 दिन का समय और मांगा।

25 अगस्त को SEBI ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट फाइल की। बताया कि 22 जांच फाइनल हो चुकी हैं और 2 अधूरी हैं।

24 नवंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। कहा था कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को सही मानने की जरूरत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने 3 जनवरी को SEBI को बचे हुए 2 मामलों की जांच के लिए 3 और महीने का समय दिया है। SEBI ने 24 में से 22 मामलों की जांच पूरी कर ली है।



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