ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिकी सेना, कई हफ्तों तक चल सकती है जंग, खुलासा
Updated on
14-02-2026 01:46 PM
वॉशिंगटन: अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य ऑपरेशन की तैयारी कर रही है, जो इस्लामिक मुल्क के खिलाफ अमेरिका का सबसे बड़ा हमला हो सकता है। यह अभियान कई हफ्तों तक चल सकता है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स से दो अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी है। इससे पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध का खतरा बढ़ गया है। इससे ईरान और अमेरिका के बीच पिछले सप्ताह शुरू हुई बातचीत पर भी खतरा मंडराने लगा है। ईरान और अमेरिकी डिप्लोमैट तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर चर्चा के लिए ओमान में मिले थे।
इन घटनाक्रमों के बीच ट्रंप प्रशासन मिडिल ईस्ट में दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भेज रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दूसरे एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ हजारों और सैनिक, फाइटर जेट, गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक और दूसरे हथियार शामिल होंगे, जो हमला करने और उनसे बचाव करने में सक्षम हैं।
ईरान पर ट्रंप के तीखे तेवर
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को नॉर्थ कैरोलिना में एक बेस पर अमेरिकी सैनिकों से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ डील करना मुश्किल रहा है। ट्रंप ने कहा, 'कभी-कभी आपको डरना पड़ता है। यही एकमात्र चीज है जिससे सच में स्थिति को संभाला जा सकता है।' ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान पर संभावित हमले को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, जब अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन की तैयारी पर पूछा गया तो वॉइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने कहा, 'ईरान के मामले राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी विकल्प मौजूद हैं।'
अमेरिका की क्या है तैयारी?
हालांकि, पेंटागन ने इस बारे में कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया है, लेकिन पिछले उदाहरण इस बारे में संकेत देते है। अमेरिका ने पिछले साल जून में जब ईरान के परमाणु स्थलों पर हमले किए थे तो इस इलाके में दो एयरक्राफ्ट कैरियर भेजे थे। हालांकि, जून में किया गया 'मिडनाइट हैमर' ऑपरेशन केवल एक बार हमला था। इसके लिए बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने अमेरिका से उड़ान भरी थी।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार अमेरिकी तैयारी ज्यादा बड़ी है। एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना केवल परमाणु ढांचे पर ही नहीं, बल्कि ईरान के सरकारी और सुरक्षा ठिकानों पर भी हमला कर सकती है। अधिकारी ने इस बारे में अधिक जानकारी देने से मना कर दिया।
ईरान पर हमला आसान नहीं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू करना खतरनाक हो सकता है। ईरान के पास मध्य पूर्व में मिसाइलों का सबसे बड़ा जखीरा है। ईरान अगर जवाबी हमला करता है तो इलाके में लड़ाई का खतरा बढ़ सकता है। अमेरिकी अधिकारी ने भी इस बात को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका को पूरी उम्मीद है कि ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा, जिससे कुछ समय तक एक के बाद एक जवाबी हमले चलते रहेंगे।
ढाका: बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि भारत से शेख हसीना का लौटना काफी हद तक नरेंद्र मोदी सरकार के सहयोग पर निर्भर करेगा। तारिक रहमान सरकार में विदेश राज्य…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने पीओके में प्रदर्शनकारियों को उनकी कश्मीरी पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने का बचाव किया है। पाकिस्तान के…
इस्लामाबाद: मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज के नेतृत्व वाली सरकार की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने अपने सिंचाई विभाग…
हेग: भारत ने इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थाई सीट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। लेकिन दूसरी तरफ UN सिस्टम में उसकी मौजूदगी का एक…
न्यूयॉर्क/इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में गुहार लगाते हुए कहा है कि भारत के सिंधु जल संधि सस्पेंड करने से देश के 24 करोड़ लोगों की जिंदगी खतरे में है।…
इस्लामाबाद/बीजिंग: चीन की कड़ी चेतावनी के बाद पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में सीपीईसी प्रोजेक्ट की सुरक्षा में पूरी ताकत झोंक दी है। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा है कि वो बलूचिस्तान…
रोम: इटली की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी मूल की समन अब्बास की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए माता-पिता समेत परिवार के 4 सदस्यों की उम्रकैद की सजा को…