राज्यसभा के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि सभापति की तमाम कोशिशों के बावजूद विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा है। गोयल बोल ही रहे थे कि कांग्रेस सांसद और सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी अपनी सीट पर बोलने लगे और अडानी मामले की जांच के लिए जांच की मांग दुहराने लगे।
संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही की शुरुआत भारत माता के वीर सपूतों सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि देकर हुई। इन तीनों क्रांतिकारियों ने भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए 23 मार्च, 1931 को अपने प्राणों की आहुति दी थी। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि तीनों बलिदानियों ने कैसे अपने पराक्रम से अंग्रेजी हुकूमत के दांत खट्टे किए थे। उसके बाद दोनों सदनों में मौजूद सभी लोगों ने खड़े होकर मौन रखा और तीनों स्वतंत्रता सेनानियों को श्रदांजलि दी।
राज्यसभा की व्यवस्थित कार्यवाही और कामकाज हो सके इस पर बात करने के लिए सभापति जगदीप धनखड़ ने सांसदों की एक बैठक बुलाई है। ये बैठक धनखड़ के कमरे में होगी। बैठक में सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर नेताओं को बुलाया गया है। इससे पहले भी धनखड़ ने सासंदों के साथ बैठक करके सदन की कार्यवाही ठीक से चलने देने की अपील की थी।
गुरुवार को संसद की कार्यवाही से पहले विपक्ष के सांसद एक बैठक करेंगे। इस बैठक में सरकार को घेरने की योजना बनाई जा सकती है। ऐसे में आज भी संसद में विपक्ष सरकार के खिलाफ हंगामा कर सकता है। बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष अडानी मुद्दे को लेकर सरकार पर हावी है। लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसद जेपीसी जांच की मांग कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने जरूरी विधेयकों को पारित कराने के लिए अपने सभी लोकसभा सांसदों को आज सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा देखने को मिल रहा है। विपक्ष जेपीसी मांग के लिए नारेबाजी कर रहा है वहीं सत्ता पक्ष राहुल गांधी माफी मांगो के नारे लगा रहा है। इस बीच स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मैंने किसी सदस्य को बोलने से नहीं रोका है। आप सदन नहीं चलने देना चाहते, देश चाहता है कि सदन चले। आप अगर सदन नहीं चलाना चाहते हैं, नारेबाजी करना चाहते हैं तो सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है।