अमेरिका को नहीं करना चाहिए फॉलो
वार्ड ने टीओआई से कहा, 'कार इंडस्ट्री हर सेगमेंट में बड़ी और भारी एसयूवी बेचने को आतुर है। यह रोड सेफ्टी के लिहाज से अच्छी बात नहीं है। खासकर छोटी गाड़ियां चलाने वालों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बढ़ गया है। भारत और दूसरे देशों में एसयूवी की बढ़ती डिमांड रोड सेफ्टी और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। सरकारों को इस तरह की बड़ी गाड़ियों की सेल को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। हाल के वर्षों में कारें ज्यादा भारी, बड़ी और ज्यादा पावरफुल हो गई हैं।'उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका को फॉलो नहीं करना चाहिए। पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में ज्यादा लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। 2022 में भारत में सड़क हादसों में 1.68 लाख लोगों की मौत हुई थी। इनमें से एक लाख से अधिक दोपहिया सवार और पैदल चलने वाले थे। वार्ड ने अमेरिका में इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट फॉर हाइवे सेफ्टी की एक हालिया स्टडी का हवाला दिया। अमेरिका में 80% कारें एसयूवी हैं। इस स्टडी में पैदल चल रहे 18,000 लोगों के साथ हुए हादसों को शामिल किया गया था। इसके मुताबिक 40 इंच से ज्यादा ऊंचे बोनेट वाली एसयूवी और पिक-अप से पैदल चल रहे लोगों के साथ हादसा होने की संभावना 45% ज्यादा है।
