चीन के लिए बढ़ी मुश्किलें
आबादी में दूसरे नंबर पर पहुंचने पर चीन को दुनिया के नक्शे पर नुकसान ज्यादा दिख रहा है। यहां हर साल 95 लाख बच्चों का जन्म हो रहा है। चीन घटती आबादी से परेशान है। अब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के बाद वह क्वॉलिटी की बात करने लगा है। चीन ने यूएन की रिपोर्ट के बाद कहा कि दुनिया को आबादी नहीं बल्कि क्वॉलिटी को भी देखना चाहिए। आबादी की बात तो अलग है लेकिन प्रतिभाशाली संसाधन होना भी जरूरी है। दरअसल, चीन को ये अच्छी तरीके से पता है कि अगर टैलेंट की बात करें तो भारतीय युवाओं की दुनिया में कोई सानी नहीं है। इसके अलावा चीन की औसत आयु 38 साल है जबकि भारत में 28 साल। यानी एक दशक का अंतर। चीन में बुजुर्गों की आबादी भी बढ़ रही है। भारत का आबादी के मामले में नंबर वन बनने के बाद उसके सामने चुनौतियों का पहाड़ तो है लेकिन अवसर भी कम नहीं है।
