सिंगापुर के इंस्टीच्यूशनल इनवेस्टर ने ऐसा क्या देख लिया इस कंपनी में, दूने में खरीदेंगे हिस्सेदारी
Updated on
02-08-2025 12:48 PM
मुंबई: सिंगापुर की एक इनवेस्टमेंट एंटिटी है यूनिक्यूब ग्लोबल मैनेज्ड सर्विसेज (UNIQUBE GLOBAL MANAGED SERVICES PTE. LTD.)। यह भारत में कृषि वस्तुओं (Agri Commodity) के कारोबार में लगी लिस्टेड कंपनी आईएफएल इंटरप्राइजेज लिमिटेड (BSE: 540377) में 12 फीसदी तक हिस्सेदारी ले रही है। इस बारे में कल ही आईएफएल ( IFL Enterprises ) के बोर्ड की मीटिंग में एक प्रस्ताव आया था। इसे कंपनी के निदेशकमंडल की मंजूरी भी मिल गई है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन लोगों के आश्चर्य की वजह दूसरी है।
क्या है आश्चर्य की वजह?
एग्री कमोडिटी की अहमदाबाद की कंपनी आईएफएल इंटरप्राइजेज लिमिटेड का शेयर कल यानी शुक्रवार, एक अगस्त 2025, को बीएसई (BSE) में 0.96 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ है। वहीं सिंगापुर के यूनिक्यूब ग्लोबल मैनेज्ड सर्विसेज सिंगापुर ने इस कंपनी में दो रुपये प्रति शेयर के हिसाब से शेयर खरीदने का एक रणनीतिक निवेश (Strategic Investment) का प्रस्ताव दिया है। इसे कल आईएफएल इंटरप्राइजेज के बोर्ड की मंजूरी भी मिल गई। एक आम निवेशक यह सोच रहा है कि जब खुले बाजार में कोई शेयर एक रुपया से कम कीमत पर मिल रहा है तो फिर उसे दो रुपये पर खरीदने की क्या वजह है?
क्या है सिंगापुर की एंटिटी का प्रस्ताव?
यूनिक्यूब ग्लोबल मैनेज्ड सर्विसेज ने काफी दिनों पहले ही आईएफएल इंटरप्राइजेज में दो रुपये प्रति शेयर की कीमत पर कंपनी में 12% तक इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने का प्रस्ताव दिया था। इसी प्रस्ताव के अनुमोदन के लिए कंपनी के बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर्स की कल बैठक हुई थी। इस बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई थी
क्या कहना है कंपनी का
आईएफएल इंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार को दी गई एक सूचना में बताया कि कंपनी के निदेशकमंडल ने सिंगापुर की एंटिटि के निवेश प्रस्ताव को सैद्यांतिक रूप से अनुमोदित कर दिया है। इस निवेश को म्यूचुअली सुटेबल तरीके जैसे प्रीफरेंशियल अलॉटमेंट, क्वालिफाइड इंस्टीच्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), या राइट ईश्यू के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। हिस्सेदारी का यह अधिग्रहण शेयर बाजार के नियामक सेबी (SEBI) के विनियमों, फेमा (FEMA), और अन्य कानूनी प्राधिकरणों (Statutory Authorities) के तहत लागू प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन करते हुए होगा। कंपनी का कहना है कि वह जरूरी अप्रूवल प्रोसेस को आगे बढ़ाने के लिए डेडिकेटेड कंसलटेंट और लीगल एडवाइजर्स की नियुक्ति करेगी।
क्या फायदा होगा कंपनी को
आईएफल का कहना है कि प्रस्तावित स्ट्रेटेजिक इनवेस्टमेंट से कंपनी की विकास क्षमता बढ़ेगी। इसकी शेयरहोल्डिंग पैटर्न का और संस्थागतकरण होगा। इसके साथ ही कंपनी के सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन में योगदान मिलेगा। उल्लेखनीय है कि आईएफएल इंटरप्राइजेज फल, सब्जियों, बीज, आर्गेनिक और हर्बल प्रोडक्ट के उत्पादन और कारोबार में लगी है। इसके साथ ही कंपनी कुछ एग्री कमोडिटी प्रोडक्ट्स की ट्रेडिंग भी करती है। कंपनी ने कांट्रेक्ट फार्मिंग और वेयरहाउसिंग की तरफ भी कदम बढ़ाया है। हाल के दिनों में कंपनी ने वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों का बेहतर भविष्य दिख रहा है।
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