गोद ली हुई हैं दो दिव्यांग बेटियां
सीजेआई चंद्रचूड़ ने 10.30 बजे अपना काम शुरू करने से पहले जब व्हील चेयर पर बेटियों को वकीलों के प्रवेश द्वार से कोर्ट रूम ले गए, सभी दंग रह गए। उस वक्त जस्टिस चंद्रचूड़ साधारण पोशाक में थे। उन्होंने दोनों बेटियों को दिखाया कि वो कहां से मुकदमों की सुनवाई करते हैं। जजों की बैठने की डायस के सामने फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक टैब्स लिए वकीलों की भीड़ देख माही और प्रियंका फिर हैरान हुईं। उन्हें पता चल गया कि 9 नवंबर से पापा पर काम का बोझ सच में बढ़ गया है। उसी दिन जस्टिस चंद्रचूड़ देश के 50वें प्रधान न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाली थी। वो दो वर्ष तक इस पद पर रहेंगे और 10 नवंबर, 2024 को रिटायर हो जाएंगे। उनके पिता जस्टिस यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ (Justice YV Chandrachud) 16वें सीजेआई थे। उनके नाम 7 साल पांच महीने तक भारत के प्रधान न्यायाधीश के पद पर रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। जस्टिस चंद्रचूड़ और उनकी पत्नी कल्पना गोद ली हुईं दोनों बेटियों माही और प्रियंका पर जान छिड़कते हैं।
