भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील कब होगी फाइनल? सर्वे में सरकार ने बताया, लेकिन ये चिंताएं कैसी
Updated on
29-01-2026 01:27 PM
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण (इकनॉमिक सर्वे) पेश किया। इसमें भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील को लेकर भी बात कही गई है। सर्वे में कहा गया है कि फिलहाल भारत को बाहरी दुनिया से कुछ चिंताएं हैं, लेकिन कोई बड़ी आर्थिक समस्या नहीं है। सर्वे के अनुसार, हमारे बड़े व्यापारिक साझेदारों की धीमी रफ्तार, व्यापार पर लगने वाले टैरिफ और पैसों के प्रवाह में उतार-चढ़ाव से कभी-कभी हमारे निर्यात और निवेशकों के भरोसे पर असर पड़ सकता है।
सर्वे में कहा गया है कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार बातचीत इस साल पूरी होने की उम्मीद है, जिससे बाहरी मोर्चे पर अनिश्चितता कम हो सकती है। भारत और अमेरिका पिछले साल मार्च से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। पिछले साल अगस्त में जब अमेरिकी सरकार ने भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लगाया था, उसके बाद से बातचीत धीमी हो गई थी।
वैश्विक संस्थाओं का क्या अनुमान?
गोल्डमैन सैक्स ग्रुप का अनुमान है कि मार्च तक अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की उम्मीद के बावजूद, अगले वित्तीय वर्ष में विकास दर घटकर 6.8% हो जाएगी। वहीं संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कहा है कि यूरोप और पश्चिम एशिया जैसे अन्य प्रमुख बाजारों से मजबूत मांग इन टैरिफों के प्रभाव को कुछ हद तक कम कर देगी। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच व्यापार समझौते का अंतिम रूप देना इस प्रवृत्ति को दर्शाता है, जो वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बदलाव का संकेत है।
अमेरिका ने लगाया है 50% टैरिफ
अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 25% टैरिफ और अतिरिक्त 25% जुर्माना लगाया था। अमेरिका का कहना था कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। दिसंबर 2025 में, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया था। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डिप्टी यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव एंबेसडर रिक स्विट्जर ने किया था। यह टैरिफ लगने के बाद अमेरिकी अधिकारियों का दूसरा भारत दौरा था।
कैसी रहेगी जीडीपी ग्रोथ?
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा है कि वित्त वर्ष 2027 तक भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। यह अनुमान इस बात पर आधारित है कि घरेलू मांग मजबूत रहेगी और अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी, भले ही दुनिया भर में आर्थिक हालात अनिश्चित बने हुए हैं। सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत आने वाले सालों में मजबूत आर्थिक बुनियाद के साथ प्रवेश कर रहा है। पांच महीने बाद, भारत अब पूरे साल के लिए 7% से अधिक की रियल ग्रोथ रेट की उम्मीद कर रहा है और अगले साल भी रियल ग्रोथ 7% या उसके आसपास रहने की संभावना है।
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