अधिकारियों का कहना है कि यूके में बैठे खालिस्तानी आतंकी अवतार सिंह खंडा ने ही अमृतपाल सिंह को 'मिशन खालिस्तान' के लिए ट्रेंड किया। खंडा का सीधा कनेक्शन पम्मा से है। इन तीनों ने मिलकर पंजाब को एक बार फिर से आतंकवाद की तरफ धकेलने की साजिश की थी। अमृतपाल के गांव जल्लूखेड़ा में भारी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है। उसके चाचा और ड्राइवर सरेंडर कर चुके हैं। अब तक 110 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाएं बंद की गई हैं।
अमृतपाल के ठिकानों पर हथियारों के मिलने के बाद पूरी साजिश बेनकाब हो गई। आईएसआई और बब्बर खालसा के सहयोग से अमृतपाल सिंह की टीम आनंदपुर खालसा फोर्स खड़ी कर रही थी। जो जैकेट और बंदूकें मिली हैं उस पर AKF लिखा मिला है। जल्लूखेड़ा गांव के उसके घर से कई चीजें जब्त की गई हैं।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) साल 1980 में ही बन गया था। यह कनाडा, इंग्लैंड में काफी सक्रिय है। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद एअर इंडिया के प्लेन को इस आतंकी संगठन ने उड़ा दिया था। इसके लोग ज्यादातर पाकिस्तान में छिपे हुए हैं। पम्मा भी इस समय पाकिस्तान में है। उसकी मदद से अवतार सिंह खंडा 'बब्बर खालसा-यूके' चला रहा है। वे आईएसआई के साथ मिलकर भारत के खिलाफ साजिश करते हैं। 2012 में दुबई गया अमृतपाल भी BKI का हैंडलर बनकर ही 2022 में पंजाब लौटा। बब्बर खालसा कश्मीर के साथ-साथ पंजाब में भी खालिस्तान का मुद्दा गरमा रहा है।बताया जा रहा है कि रविवार को हुआ प्रोटेस्ट भी अवतार सिंह के इशारे पर हुआ था। खंडा ही था जिसने संडे प्रोटेस्ट के लिए सिख छात्रों को उकसाया था। उसके पिता कुलवंत सिंह खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकी थे।
