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चमोली सीवर प्‍लांट में बेगुनाहों की मौत का जिम्मेदार कौन, आखिर कैसे दौड़ गया हाई पावर करंट?

Updated on 20-07-2023 12:44 PM
अभिषेक अग्रवाल, चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में बुधवार को घटी दर्दनाक घटना ने पूरे देश को शोक संतप्त कर दिया। हर किसी को असमंजस में डाल दिया कि आखिर इतना हाई पावर करंट का झटका आया कहां से। चमोली जिले के पीपलकोटी के पास एक निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट 16 लोगों की मौत का कारण बन गया। यहां नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण चल रहा था। नदी किनारे बने इस ट्रीटमेंट प्लांट में भयानक करंट दौड़ने के कारण 16 जिंदगियां तबाह हो गईं। कई परिवार उजड़ गए।

इस प्‍लांट में मंगलवार को देर शाम एक सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान यहां की रेलिंग में करंट का झटका आया और वहां ड्यूटी कर रहा सुरक्षाकर्मी झटके का शिकार हो गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उस समय सुरक्षा के दृष्टिगत उस स्थान की बिजली को बंद कर दिया गया। अभी मृत व्यक्ति के पंचनामे की कार्यवाही चल ही रही थी कि बुधवार सुबह लगभग 11:30 बजे उसी स्थान पर एक बार फिर जोरदार करंट दौड़ा और 16 लोगों की जान चली गई। कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद सरकारी तंत्र सक्रिय हो गया। जांच के आदेश दिए दिए गए। मुख्यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी एक्शन मोड में आए और मुआवजा इत्यादि की घोषणा कर दी गई।

दोबारा बिजली क्‍यों चालू की गई?


पर बड़ा सवाल यह है कि जब मंगलवार देर शाम हादसा हो चुका था तो फिर उस स्थान की बिजली दोबारा से चालू कैसे हो गई? बिना पूरी पड़ताल के अधिकारियों या कर्मचारियों ने उस स्थान की बिजली चालू क्यों की? करंट दौड़ने के बाद एक के बाद एक 16 लोग इस हादसे का शिकार हुए, उस दौरान बिजली बंद क्यों नहीं की गई? करंट फैलने से क्यों नहीं रोका जा सका? आखिर किसकी लापरवाही के कारण 16 परिवारों को उजड़ने दिया गया? हालांकि यह सब स्थितियां साफ होंगी। मजिस्ट्रेट जांच के आदेश हुए हैं। मुख्यमंत्री ने डीएम के कंधों पर जवाबदारी सौंपी है। कहा गया है कि जांच करके रिपोर्ट सौंपी जाए। अब इस रिपोर्ट के आने के बाद दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और उजड़े परिवारों के जख्मों पर किस प्रकार से मरहम लगाया जाता है, यह देखने वाली बात होगी।

यूपीसीएल विद्युत विभाग ने झाड़ा पल्‍ला


हादसे के बाद विपक्ष ने भी सक्रिय होने में देर नहीं की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ गणेश गोदियाल और तमाम विपक्षी अमला मौके पर ही चमोली पहुंचे। शोक संतप्त परिवारों से बातचीत की। जब इस विषय पर संबंधित अधिकारियों से बातचीत की गई तो वे पल्ला झाड़ते नजर आए। यूपीसीएल विद्युत विभाग के अधिकारियों ने साफ कहा कि इस हादसे के लिए विद्युत विभाग जिम्मेदार नहीं है। विद्युत विभाग के तार इत्यादि बिल्कुल सही है बल्कि उस स्थान पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम कर रही परियोजना के कार्यस्थल पर कुछ तार छूटने के कारण यह हादसा हुआ है।



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