एक बार फिर कोविड की वजह से नए मामले बढ़ रहे हैं, संक्रमण दर में इजाफा हो रहा है, इलाज के लिए मरीज अस्पतालों में भर्ती भी हो रहे हैं। कई मरीज वेंटिलेटर पर हैं तो कई की मौत भी हो रही है। रविवार को कोरोना की वजह से 4 मरीजों की मौत की पुष्टि की गई है, जिसमें तीन की मौत की वजह कोरोना के साथ साथ दूसरी बीमारी भी है। लेकिन एक मरीज की मौत की वजह कोरोना बताया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि संक्रमण की वजह से गंभीर बीमारी और मौत से बचने के लिए क्या फिर से वैक्सीनेशन की जरूरत है। प्रिकॉशन डोज लेना चाहिए, जो प्रिकॉशन डोज ले चुके हैं क्या उन्हें चौथी डोज लेना चाहिए, जानते हैं एक्सपर्ट की राय :
सवाल : वर्तमान हालात में प्रिकॉशन डोज के मायने हैं
जवाब : प्रिकॉशन डोज का मतलब है कि एहतियात के तौर पर वैक्सीन की एक और डोज। जिन लोगों ने कोरोना के खिलाफ दो वैक्सीन की डोज ले रखी है, उनके लिए तीसरी डोज का विकल्प है। अमेरिका में इस पर स्टडी हुई है, जिसमें पाया गया है कि जिसने प्रिकॉशन डोज लिया था, उनमें संक्रमण के बाद इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती होने की नौबत कम आई, उनकी मौत कम हुई। जो लोग संक्रमण की वजह से गंभीर बीमार होने और इसकी वजह से होने वाली मौत के खतरे को कम करना चाहते हैं वो प्रिकॉशन डोज ले सकते हैं।
सवाल : लेकिन सरकार की इस पर क्या राय है?
जवाब : अभी तक सरकार ने इसको लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन सरकार ने तीसरी डोज का नाम प्रिकॉशन यानी एहतियाती डोज रखा है, जो लोग लेना चाहते हैं, उनके लिए विकल्प है।
सवाल : अभी जो वेरिएंट XBB.1.16 फैल रहा है, क्या इससे बचाव में कारगर है प्रिकॉशन डोज?
जवाब : यह कहा नहीं जा सकता है, क्योंकि इस पर हमारे पास स्टडी नहीं है। क्योंकि इस संक्रमण में अब मरीजों में गंभीर बीमारी भी देखी जा रही है, मरीज वेंटिलेटर पर भी जा रहे हैं और रविवार को जारी मौत के आंकड़ों में एक की मौत की वजह कोरोना ही पाया गया है। इसलिए कहना मुश्किल है।
सवाल : प्रिकॉशन डोज किसके लिए फायदेमंद है?
जवाब: जो लोग हाई रिस्क मरीज हैं, उन्हें प्रिकॉशन डोज लेनी चाहिए, उनके लिए फायदेमंद है। जो लंबी बीमारी से पीड़ित हैं, चाहे कैंसर हो या हार्ट की बीमारी, ब्लड प्रेशर हो या डायबिटीज, किडनी, लिवर, सांस की बीमारी है उनके लिए कोरोना का भी वेरिएंट खतरनाक हो सकता है। ऐसे लोगों को तीसरी डोज लेनी चाहिए।
सवाल : अभी प्रिकॉशन यानी तीसरी डोज की बात हो रही है, कल चौथी डोज की बात हो सकती है, आम लोग क्या करें?
जवाब : कोरोना के बारे में यह जान लें कि इसको लेकर सौ फीसदी आकलन करना संभव नहीं हो पाया है। शुरू से ही ऐसा रहा है। अब आने वाले समय में किस प्रकार का वैरिएंट होता है, कितना बदलाव होता है, यह आज के समय में कहना मुश्किल है। हो सकता है कि चौथी डोज की भी जरूरत पड़े और ऐसा हो सकता है कि हर साल इनफ्लुएंजा की तरह वैक्सीन लेनी पड़ जाए।
