फिर से सेना क्यों खड़ी करने लगीं कंपनियां! चीन में आखिर चल क्या रहा है
Updated on
21-02-2024 03:11 PM
नई दिल्ली: आर्थिक मोर्चे पर कई तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे चीन में कई साल बाद एक नई चीज देखने को मिल रही है। चीन की कंपनियां अपनी-अपनी वॉलंटियर आर्मी बनाने में जुटी हैं। 1970 के दशक के बाद देश में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है। पिछले एक साल में कम से कम 16 कंपनियां अपने लड़ाकुओं की सेना तैयार कर चुकी है। इनमें एक प्राइवेट कंपनी भी है जो डेरी इंडस्ट्री से जुड़ी है। कंपनियों की प्राइवेट आर्मी को पीपुल्स आर्म्ड फोर्सेज डिपार्टमेंट्स के नाम से जाना जाता है। इनमें सिविलियन लोग भी शामिल हैं। ये चीन की सेना के लिए रिजर्व और ऑक्जिलरी फोर्स का काम करती हैं। प्राकृतिक आपदाओं से लेकर देश में व्यवस्था बनाने में इनकी भूमिका होती है।
जानकारों का कहना है कि कंपनियों द्वारा प्राइवेट आर्मी का गठन करना इस बात का संकेत है कि चीन की सरकार इकॉनमी को लेकर चिंतित है। उसे लग रहा है कि आर्थिक हालात खराब होने से देश में अशांति फैल सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए कंपनियां निजी आर्मी तैयार कर रही हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग देश में कम्युनिस्ट पार्टी का कंट्रोल मजबूत करना चाहते हैं। इसमें कॉरपोरेट सेक्टर भी शामिल है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के सेंटर फॉर चाइना एनालिसिस में फेलो फॉर चाइनीज पॉलिटिक्स के फेलो नील थॉमस ने कहा कि चीन में कॉरपोरेट मिलिशिया की वापसी इस बात का संकेत है कि शी देश में नेशनल सिक्योरिटी को आर्थिक विकास के साथ बेहतर तरीके से जोड़ना चाहते हैं।
सामाजिक अशांति की आशंका
चीन की इकॉनमिक ग्रोथ में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है और कई देशों के साथ उसका तनाव बढ़ता जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश में सामाजिक अशांति और हड़ताल की आशंका है। ऐसे में इस तरह के आंदोलनों को कुचलने के लिए कॉरपोरेट मिलिशिया मिलिट्री लीटरशिप की मदद कर सकता है। 2023 में चीन की इकॉनमी 5.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी। लेकिन देश की इकॉनमी को कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रियल एस्टेट सेक्टर संकट में है, युवा बेरोजगारी चरम पर है, डिफ्लेशन का दबाव है, कॉरपोरेट डिफॉल्ट बढ़ रहा है और स्थानीय सरकारें कर्ज में डूबी हैं। 2022 की तुलना में 2023 में लेबर स्ट्राइक की संख्या दोगुना हो गई। एक साल पहले जेंगझू में आईफोन की दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री में प्रदर्शनकारी पुलिस से उलझ गए थे।
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