आखिर ट्विटर पर क्यों ट्रेंड हो रहा है 'बॉयकाट जेरोधा'
Updated on
03-02-2024 12:59 PM
नई दिल्ली: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर जो कि अब एक्स (X) बन गया है, को जानते ही होंगे। इस पर इस समय बॉयकाट जेरोधा (#BoycottZerodha) खूब ट्रेंड हो रहा है। इसकी वजह जेरेोधा कंपनी के ट्रेडिंग ऐप काइट (Kite) पर दिक्कत है। इसके ग्राहक इन दिनों काइट पर भरपूर दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
क्लाइंट्स को हो रहा है नुकसान
जेरोधा के एक ग्राहक तान्या तिवारी का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से काइट पर लगातार गड़बड़ियों का सामना कर रहे हैं। ऐसी हालत में क्लाइंट्स का नुकसान हो रहा है। तान्या तिवारी पूछती हैं- जब लगातार दिक्कतों को दूर नहीं किया जा रहा है तो फिर उसका बहिष्कार न करें तो उसकी आरती उतारें?
बॉयकाट जेरोधा ट्रेंड का हिस्सा बने
लगातार गड़बड़ियों की शिकायत के बाद भी जब दिक्कत दूर नहीं हुई तो ढेरों यूजर्स शुक्रवार को एक्स पर 'बायकॉट जेरोधा' ट्रेंड का हिस्सा बने। एक यूजर ने इस पर लिखा है कि उसने जुलाई 2023 में 33 हजार रुपये गंवाए। इसकी वजह जेरोधा पर ट्रेड ग्लिच है। उनका कहना है कि दोपहर बाद तीन बजे उन्होंने बॉय आर्डर दिया जो कि 3.31 पर जा कर एक्जीक्यूट हुआ। जेरोधा का कहना है कि उन्हें जो नुकसान हुआ है, उसके 50 फीसदी हिस्से की भरपाई करेंगे। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। spine less. ethics @zerodhaonline #BoycottZerodha,
जेरोधा का चुनना जीवन का सबसे बेकार फैसला
एक अन्य यूजर ने कहा, "ब्रोकर के रूप में जेरोधा को चुनना मेरी लाइफ का दूसरा सबसे बेकार फैसला था। आरसीबी का सपोर्ट करना अभी भी पहला है। #BoycottZerodha #zerodhaglitch"
चार महीने में चार बार डाउन
आईएएनएस पर आई एक खबर के मुताबिक पिछले चार महीनों में जेरोधा लगातार चार बार डाउन हुआ है। कंपनी के ग्राहकों को बीते साल 31 अक्टूबर, 6 नवंबर, 4 दिसंबर और इस साल 29 जनवरी को तकनीकी गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा। जाहिर है कि ग्राहकों के सब्र का बांध तो टूटेगा ही।
क्या है जेरोधा
Zerodha का पूरा नाम Zerodha Broking Limited है। यह एक फाइनेंसियल सर्विसेस देने वाली कंपनी है। यह एक स्टॉक मार्केट ब्रोकिंग कंपनी है जो की एक डिस्काउंट ब्रोकर है और लोगों को इन्वेस्टमेंट करने के लिए कई प्रकार की सुविधा देता है। इस कंपनी के फाउंडर नितिन कामत है। उनका कंपनी का शुरू करने का मकसद था बहुत ही कम कीमत और आसन तरीके से लोगो को इन्वेस्टमेंट की सुविधा देना।
नाम क्यों है जेरोधा
नितिन कामत ने अपनी कंपनी का नाम ज़ेरोधा रखा, जिसका मतलब होता है जीरो अवरुद्ध के इन्वेस्टमेंट सर्विसेज। अगर इस शब्द का मतलब देखे तो ज़ेरोधा दो शब्दों से मिलकर बना है जीरो + रोध जिसका मतलब होता है कोई भी अवरोध नहीं। लेकिन अब ग्राहकों का कहना है कि इस पर अवरोध ही अवरोध हो रहा है।
कैसे लोकप्रिय हुई यह कंपनी
जिस टाइम में यह कंपनी शुरू हुई थी, उस समय स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना बहुत ही खर्चीला और कठिन प्रोसेस था। इसे सरल और सस्ता करने के मकसद से ही इस कंपनी को शुरू किया गया है। इसके आने के बाद छोटे और आम लोग भी स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने लगे।
नई दिल्ली: आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में थोड़ी देर में जानकारी देंगे। उससे पहले आज शेयर बाजार…
मुंबई: बेंगलुरु की हॉस्पिटल चेन चलाने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज Manipal Health Enterprises के शेयर आज इश्यू प्राइस से 11% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। यह जहां बीएसई पर…
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…