ऐसा आरोप है कि दिल्ली सरकार की शराब कारोबारियों को लाइसेंस देने के लिए 2021-22 की आबकारी नीति से उद्यमियों को साठगांठ करने का मौका दिया गया और कुछ डीलरों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जिन्होंने इसके लिए कथित तौर पर घूस दी। हालांकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस आरोप का जोरदार खंडन किया है। बाद में यह नीति रद्द कर दी गयी थी और दिल्ली के उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की, जिसके बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत आरोपियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया। इसी मामले में पहले सीबीआई ने सिसोदिया को 26 फरवरी को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था और उसके बाद अब ईडी ने भी गुरुवार 9 मार्च को गिरफ्तार किया है।
