टीम इंडिया के स्पिनर्स उनकी सबसे बड़ी जान है। अगर वह नहीं चलते तो भारतीय टीम पर इसका काफी फर्क पड़ता है। 2015 और 2019 के वनडे वर्ल्ड कप में यही देखने को मिला। 2015 के विश्व कप में रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन ने मिलकर 20 ओवर में सिर्फ 1 विकेट लिया था और 98 रन दिए थे।
वहीं 2019 के वर्ल्ड कप में रविंद्र जडेजा और युजवेंद्र चहल ने मिलकर 20 ओवर में 96 रन देकर सिर्फ 2 विकेट लिए थे। ऐसे में भारतीय स्पिनर्स का ना पर्फॉर्म करना भारतीय टीम को दिक्कत देता है।
