Select Date:

10 लाख करोड़ का बिजनस कोई 30-40 हजार करोड़ में क्यों नहीं लेना चाहेगा... सुभाष चंद्रा ने सुनाया Zee का अनसुना किस्सा

Updated on 23-01-2023 05:45 PM
नई दिल्‍ली: जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) के संस्‍थापक डॉ सुभाष चंद्रा ने समूह से जुड़े कई राज खोले हैं। उन्‍होंने बताया है कि क्‍यों दुनियाभर के निवेशकों की नजर ग्रुप पर लगी रहती है। उन्‍होंने ग्रुप की तुलना उस सुंदर लड़की से की है जिसके पीछे बहुत लड़के लगे रहते हैं। सुभाष चंद्रा ने यह भी बताया है कि बिजनस में उनसे कई गलतियां हुई हैं। हालांकि, इसका उन्‍हें अफसोस नहीं है। उनके मुताबिक, अगर आज उनके ग्रुप को बार-बार टेकओवर करने की कोशिश होती है तो उसके पीछे वजह है। वह मानते हैं कि ग्रुप की बाजार हैसियत भले 30-40 हजार करोड़ रुपये के आसपास है। लेकिन, इसे आज की तारीख में 10 लाख करोड़ रुपये खर्च करके भी खड़ा नहीं किया जा सकता है। यह सिर्फ हो गया है। दोबारा नहीं हो सकता है। चंद्रा ने स्‍वीकार किया है कि उन्‍होंने कारोबार की शुरुआत नियम-कायदों पर अक्षरश: चलकर नहीं की। इसके पीछे उन्‍होंने तब की पॉलिसियों को कारण बताया। उनके मुताबिक, अब युवाओं को ऐसा करने की जरूरत नहीं है। चंद्रा के मुताबिक, अगर वह इतने सारे बिजनस में हाथ में डाल पाए तो उसका सिर्फ एक कारण था। उन्‍होंने हर वक्‍त आंख-कान खुले रखे।
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) को टेकओवर की कोशिशें होती रही हैं। समूह के मुखिया डॉ सुभाष चंद्रा ने अब इसके पीछे की पूरी कहानी बताई है। उन्‍होंने कहा है कि ZEEL की वैलुएशन बेशक 30-40 हजार करोड़ रुपये है। लेकिन, इसे 10 लाख करोड़ रुपये में भी खड़ा नहीं किया जा सकता है। ऐसा बस हो गया है। इसके पीछे बहुत से कारण थे। इनमें स्थितियां भी जिम्‍मेदार थीं। यही कारण है कि उनके कारोबार पर पूरी दुनिया की नजर रही है। एक इंटरव्‍यू में वह बोले कि लड़की सुंदर होती है तो उसके पीछे बहुत लड़के आते हैं। उनके ग्रुप की यही स्थिति है। ऐसे में भला कौन 10 लाख करोड़ रुपये का बिजनस 30-40 हजार करोड़ में नहीं चाहेगा।
कौन था टेकओवर के पीछे?
सुभाष चंद्रा ने बताया कि जी को हथियाने की कोशिश में बहुत लोग थे। इनवेस्‍को के अलावा उसके सपोर्टर भी पीछे से इसमें लगे हुए थे। वे पूरी तरह से कारोबार का अधिग्रहण करना चाहते थे। लेकिन, वह इसे बचाने में कामयाब रहे। सोनी के साथ विलय पर उन्‍होंने कि वे पार्टनर हैं। बेशक, उसके पास मेजॉरिटी शेयर हैं। लेकिन उससे फर्क नहीं पड़ता है। अपनी हिस्‍सेदारी के 41 फीसदी से घटकर 4 फीसदी पहुंचने पर उन्‍होंने कहा कि इसमें आगे सुधार होगा। इनवेस्‍को को लेकर उन्‍होंने कहा कि जब वे टेकओवर नहीं कर सके तो उनकी दिलचस्‍पी खत्‍म हो गई। वह काफी पहले किसी को कंपनी में अपने शेयर बेच चुकी है। जिसे उसने ये शेयर बेचे, चूंकि वह भी टेकओवर नहीं कर सका तो उसका भी इंटरेस्‍ट खत्‍म हो गया। वे जी पर कंट्रोल चाहते थे, जब ऐसा नहीं कर सके तो उन्‍होंने शेयर बेचने शुरू कर दिए।
एनडीटीवी में अडानी ग्रुप की एंट्री मामले पर भी सुभाष चंद्रा बोले हैं। उन्‍होंने कहा है अगर वह इतने बड़े ग्रुप होते तो इसमें हाथ नहीं डालते। उन्‍होंने अपने कारोबारी सफर का भी जिक्र किया है। उन्‍होंने कहा कि जितना वह पा चुके हैं, उसकी उम्‍मीद कभी नहीं की थी। हिसार से 17 साल की उम्र में जब वह दिल्‍ली आए तो उनके सामने संभावनाओं का समंदर था। उन्‍होंने इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर बिजनस में हाथ डालने को गलती बताई। हालांकि, चंद्रा ने इस विफलता के पीछे कहा कि जिन लोगों पर उन्‍होंने भरोसा किया वे सही नहीं थे।

द‍िग्‍गज कारोबारी ने स्‍वीकार की गलतियां
दिग्‍गज कारोबारी मुताबिक, उन्‍होंने 12 नए वेंचर शुरू किए। इनमें से 6 सफल हुए। 6 फेल हुए। जो 6 सफल हुए उनके बारे में भी लोग कहते थे कि फेल हो जाएंगे। लेकिन, उन्‍हें यकीन था कि सबके साथ ऐसा नहीं हो सकता है। जी के मुखिया ने बताया कि अगर आप हर जगह आंख कान खुले रखते हैं तो आपको समस्‍याएं दिखती हैं। ये समस्‍याएं बिजनस आइडिया देती हैं। पूरे स्‍टार्टअप इकोसिस्‍टम की उपज में यही है।

सुभाष चंद्रा ने स्‍वीकार किया बिजनस में उनकी एंट्री पूरी तरह कानूनी मानकों पर खरी नहीं थी। जी एंटरटेनमेंट जो पहले जी टेलीफिल्‍म थी, उसका जिक्र करते हुए उन्‍होंने यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि इसके पीछे उस समय की नीतियां जिम्‍मेदार थीं। इंडियन टेलीग्राफ एक्‍ट में विदेशी सैटेलाइट से देश में प्रसारण की मनाही थी। प्राइवेट सेक्‍टर को सैटेलाइट ओनरशिप पर रोक थी। लालफीताशाही थी। लाइसेंस राज था। हालांकि, अब युवाओं को पॉलिसी में लूपहोल तलाशने की जरूरत नहीं है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 July 2026
नई दिल्ली, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़…
 23 July 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक एडवोकेट कपल का सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ने दावा किया है कि करीब एक साल से उन्हें शादियों और अंतिम संस्कार…
 23 July 2026
जालौन: यूपी के चर्चित आईएएस अफसर रिंकू सिंह इस बार मुश्किल में हैं। जालौन में न्‍यायिक उप जिलाधिकारी पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राठी और ब्‍लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन…
 23 July 2026
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामियों की जमीनों के अवैध कब्जे और शोषण के मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख…
 23 July 2026
अहमदाबाद: 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री और अब पिछले 12 साल से प्रधानमंत्री के बड़े दायित्व को संभाल रहे नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज पर खुद नजर रखते हैं।…
 23 July 2026
पटना: बिहार में दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट छात्र और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर माहौल गरम है। पटना में भी उसी तर्ज पर बुधवार को छात्रों ने…
 22 July 2026
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…
 22 July 2026
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने…
 22 July 2026
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा…
Advt.