अडानी की फार्च्यून ब्रांड तेल की कंपनी बिकेगी? अडानी विल्मर से निकलने की सोच रहे हैं गौतम भाई!
Updated on
06-11-2023 02:54 PM
नई दिल्ली: अडानी ग्रुप से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। खबर है कि देश के दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी अपनी एफएमसीजी कंपनी अडानी विल्मर में अपना 43.97 फीसदी हिस्सा बेचने जा रहे हैं। यह कंपनी फार्च्यून ब्रांड से सरसों तेल और सोयाबीन तेल समेत तमाम तरह के खाद्य तेल बेचती है। साथ ही यह कंपनी आटा, चावल, दाल, बेसन, सत्तू आदि प्रोडक्ट भी खूब बेचती है। इस कंपनी के बारे में खबर चल रही है कि गौतम अडानी अपनी कंपनी अडानी विल्मर की हिस्सेदारी बेचने को लेकर कई दिग्गज कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।
महीने भर में पूरी हो सकती है डील
हमारे सहयोगी ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अडानी विल्मर की हिस्सेदारी बेचने की यह डील एक महीने के अंदर पूरी हो सकती है। इस समय अडानी विल्मर में गौतम अडानी ग्रुप की 43.97 फीसदी की हिस्सेदारी है। यह कंपनी फार्च्यन ब्रांड के नाम से तरह तरह के खाद्य तेल, बेसन, आटा और अन्य पैकेज्ड ग्रोसरी प्रोडक्ट बेचती है। बताया जाता है कि गौतम अडानी अपने ग्रुप की कंपनी अडानी विल्मर में अपनी संपूर्ण हिस्सेदारी तीन अरब डॉलर में बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
लिस्टेड कंपनी है अडानी विल्मर
अडानी विल्मर शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है। लिस्टिंग के बाद इस ज्वाइंट वेंचर में सिंगापुर की विल्मर इंटरनेशनल और अडानी ग्रुप की 43.97-43.97 फीसदी की हिस्सेदारी है। अडानी विल्मर में पब्लिक शेयर होल्डिंग 12.006 फीसदी की है। इस साल की शुरुआत में भी इस तरह की ख़बरें आई थीं जिनमें कहा गया था कि पोर्ट-टू-पावर समूह की प्रमुख कंपनी अडानी विल्मर में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। हालांकि तब अडानी एंटरप्राइजेज ने विल्मर वेंचर्स से बाहर निकलने की खबरों का खंडन किया था। अडानी एंटरप्राइजेज ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था, "हम यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि अब तक, मीडिया रिपोर्ट से संबंधित ऐसी कोई घटना नहीं है, जिसके लिए सेबी लिस्टिंग विनियमों के विनियमन 30 के अनुसार कंपनी की ओर से किसी भी खुलासे की आवश्यकता हो।"
अभी घाटा हुआ है कंपनी को
इस कंपनी ने बीते एक नवंबर को अपने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। सितंबर 2023 तिमाही के दौरान कंपनी को 130.73 करोड़ रुपये का सामेकित घाटा हुआ है। इससे एक साल पहले, इसी अवधि में कंपनी को 48.76 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
अडानी का फोकस कहीं और?
बताया जाता है कि गौतम अडानी की अगुवाई वाला अडानी ग्रुप इस समय इंफ्रास्ट्रक्चर और पोर्ट कारोबार पर फोकस करने की योजना बना रहा है। अडानी विल्मर में ग्रुप की हिस्सेदारी बेचने की योजना इसी प्लान का एक हिस्सा हो सकता है। अडानी ग्रुप इस पैसे का उपयोग अपने मूल बिजनेस के लिए करने जा रहा है, फिलहाल इस रकम से कर्ज चुकाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
नई दिल्ली: आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में थोड़ी देर में जानकारी देंगे। उससे पहले आज शेयर बाजार…
मुंबई: बेंगलुरु की हॉस्पिटल चेन चलाने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज Manipal Health Enterprises के शेयर आज इश्यू प्राइस से 11% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। यह जहां बीएसई पर…
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…