चुनाव से पहले मिल सकता है पेट्रोल-डीजल दाम में कटौती का तोहफा, जानिए क्यों
Updated on
24-01-2024 01:06 PM
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के पहले अच्छी खबर मिल सकती है। यह खबर पेट्रोल-डीजल के दाम के बारे में हो सकती है। दरअसल, कच्चे तेल का दाम (Crude Oil Price) इस समय नरम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके दाम 80 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गए हैं। इसिलए माना जा हा है कि नरेंद्र मोदी सरकार इस मोर्चे पर जनता को राहत दे सकती है। वैसे भी इस समय IOC, HPCL, BPCL जैसी सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर लीटर पेट्रोल पर 11 रुपये जबकि हर लीटर डीजल पर 6 रुपये का मुनाफा कमा रही हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईसीआरए (ICRA) ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले साल सितंबर से ही क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। लेकिन सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत में कोई कमी नहीं की है। मतलब कि उन कंपनियों का अभी पेट्रोल में 11 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल में 6 रुपये प्रति लीटर का मार्केटिंग मार्जिन हो गया है। हालांकि, फरवरी 2022 में जब क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ी थी, तब इन कंपनियों को काफी घाटा हुआ था। लेकिन अब वह घाटा पट गया होगा।
मई 2022 से कीमतें स्थिर
इस समय बेंचमार्के क्रूड ऑयल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इस समय लीबिया और नार्वे में क्रूड का प्रोडक्शन बढ़ रहा है। वेनेजुएला से भी भारत को डिस्काउंटेड क्रूड ऑयल मिलने वाला है। इसलिए माना जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर से नरम होंगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने मई 2022 में इन ईंधनों पर एक्साइज ड्यूटी कम किया तथा, तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटी थीं। उसके बाद से इन दोनों प्रोडक्ट के दाम फ्रीज हैं।
कंपनियों को कभी घाटा तो कभी लाभ
घरेलू बाजार में भले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हों, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं हैं। इसमें कभी तेजी तो कभी कमी होती रहती है। ऐसे में जब कच्चे तेल के दाम ज्यादा हों तो उन्हें घाटा होता है और जब क्रूड प्राइस कम हो तो उन्हें मुनाफा होता है। उदाहरण के लिए साल 2022 के अंतिम दिनों और 2023 के शुरुआती महीनों में इन्हें घाटा हुआ था। लेकिन, बीते साल जुलाई से सितंबर के बीच जब क्रूड की कीमतें घट रही थी, तब भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने दाम में कोई कमी नहीं की। मतलब कि खूब मुनाफा कमाया। उसी समय जियो-बीपी और रोसनेफ्ट समर्थित प्राइवेट सेक्टर में पेट्रोल पंप चलाने वाली कंपनी नायारा ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी।
एक बार फिर से बन रहे हैं दाम कटौती के आसार
अब एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती के आसार बन रहे हैं। इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नरम हैं। यहां तक कि बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम घट कर 79.65 डॉलर प्रति बैरल तक घट गया है। डब्ल्यूटीआई क्रूड के दाम तो घट कर 74.47 डॉलर तक प्रति बैरल तक रह गए हैं। इस समय बाजार में क्रूड की सप्लाई बढ़ रही है।
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