वनवासी और गिरवासी को भी आमंत्रण
प्राण प्रतिष्ठा आयोजन में मंदिर ट्रस्ट को हर स्तर पर संगठन का सहयोग प्राप्त होगा। संपर्क प्रमुखों की तरफ से मठ मंदिरों में निवास करने वाले संतों से संपर्क तो होगा ही, इसके अलावा वनवासी और गिरवासी क्षेत्रों में स्थित मंदिरों से भी संपर्क होगा। उचंपत राय ने कहा भगवान राम ने जिस प्रकार उत्तर दक्षिण और पूर्व पश्चिम के राज्यों में निवास करने वालों को अपने साथ जोड़कर रामराज्य की स्थापना की थी। ठीक उसी प्रकार इस समारोह के जरिए संपूर्ण राष्ट्र जुड़ने जा रहा है।
