बेलारूस में परमाणु ठिकानों के पास वैगनर के 8 हजार लड़ाके, टेंशन में आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
Updated on
27-06-2023 07:45 PM
मॉस्को: रूस में तख्तापलट की असफल कोशिशों के बाद भी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। कहा जा रहा है कि वैगनर के आठ हजार लड़ाके इस समय उन जगहों पर हैं जहां पर रूस के परमाणु हथियार रखे हुए हैं। ब्रिटेन की सरकार भी वैगनर के लड़ाकों पर करीब से कड़ी नजर रख रही है। ऐसा कहा गया है कि बेलारूस में वैगनर के लड़ाके इकट्ठा हैं। रूस में शनिवार को मची अशांति के खत्म होने के बाद सोमवार को पुतिन ने टेलीविजन पर संबोधन दिया। उन्होंने वैगनर चीफ येवेगनी प्रिगोझिन को वॉर्निंग दी है। साथ ही साथ खूनखराबे और तख्तापलट की कोशिशों के लिए पश्चिमी देशों को दोषी ठहराया है। रक्षा मंत्री ने दिया बयान
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री एम्स क्लेवरली ने कहा है कि वैगनर विद्रोहियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उनका कहना था कि ये लड़ाके बेलारूस में वैगनर चीफ येवगेनी प्रिगोझिन के साथ हैं। इस बात की पूरी आशंका है कि भारी हथियारों से लैस ये सैनिक परमाणु हथियारों वाले सैन्य अड्डों के करीब मौजूद हैं। पूर्व सेना सदस्य और ब्रिटिश सांसद बॉब सीली ने कहा कि रूस के करीबी सहयोगी बेलारूस का छोटा सा शहर असिपोविची में परमाणु हथियारों का अड्डा है।
सीली ने हाउस ऑफ कॉमन्स को बताया, 'अगर इस खबर पर विश्वास किया जाए तो यह तय है कि 8,000 वैगनर सैनिक बेलारूस के असिपोविची नामक एक छोटे से शहर में की तरफ बढ़ रहे हैं। ये सैनिक येवगेनी प्रिगोझिन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मेरा मानना है कि यहां पर परमाणु ठिकाने तानाशाह अलेक्जेंडर लुकाशेंको के अनुरोध के तहत बनाए गए हैं।' परमाणु हथियारों की निगरानी सीली ने कहा कि वह इस बात का अंदाजा भी नहीं लगाना चाहते हैं कि ये सैनिक लुकाशेंको या पुतिन के लिए खतरा बनने वाले हैं या नहीं? लेकिन वह यह जानना चाहते हैं कि क्या पुतिन या लुकाशेंकों इस बात का भरोसा दिलाएंगे कि रूसी परमाणु हथियारों की निगरानी की जा रही है सा नहीं। क्लेवरली ने कहा कि बेलारूस की सरकार को यह बता दिया गया है कि वैगनर सैनिकों की मदद से यूक्रेन में हमलों को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए।
रूस में असाधारण घटनाक्रम पिछले दिनों रूस में जो कुछ हुआ वह काफी असाधारण था। वैगनर के चीफ येवेगनी प्रिगोझिन ने यू-टर्न ले लिया और यूक्रेन में पुतिन के खिलाफ विद्रोह कर दिया। सैनिकों के साथ वह मास्को तक मार्च करने की तैयारी कर चुके थे। प्रिगोझिन और क्रेमलिन के बीच झगड़े की वजह से ऐसा हुआ था। रूस को गृह युद्ध से बचने के लिए लुकाशेंको की मदद से एक एक समझौता हुआ। हालांकि प्रिगोझिन ने कहा है कि उनका मकसद वैगनर को खत्म होने से रोकना था न कि वह पुतिन के तख्तापलट की कोशिशें कर रहे थे। प्रिगोझिन ने सोमवार को 11 मिनट के ऑडियो में यह बात कही है।
काठमांडू: नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के बॉयोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र (Natioanl Identity Card) को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। राजनयिक चैनलों…
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से…
काठमांडू: नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने अगस्त में चीन का दौरा कर सकते हैं। उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) ने आमंत्रित किया है और…
बीजिंग: चीन पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारतीय विमानों को लेकर प्रोपेगैंडा फैला रहा है। चीनी मीडिया पिछले एक सवा साल से लगातार अपने रक्षा उपकरणों जैसे…
इस्लामाबाद: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कश्मीर मुद्दे से जुड़े किसी विवाद पर बात होगी तो वह पाकिस्तान के…
लंदन: स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली में मजबूती से विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारतीय छात्रों की तारीफ की है। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर पर एसएफआई की रैली…