संसद के शीतकालीन सत्र का आज (13 दिसंबर) आठवां दिन है। शीतकालीन सत्र के सातवें दिन (12 दिसंबर) मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों (ECs) की नियुक्तियों, सेवा शर्तों को विनियमित करने वाला विधेयक राज्यसभा में पास हुआ। बुधवार को राघव चड्ढा ने कहा- सरकार बुलडोजर से लोकतंत्र को खत्म कर रही है। अगर इलेक्शन कमीशन स्वतंत्र नहीं होगा, तो चुनाव कैसे निष्पक्ष होंगे। इलेक्शन कमीशन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वह EVM के इस्तेमाल, पार्टी सिंबल, इलेक्शन की तारीख जैसे महत्वपूर्ण फैसले करता है। इस मुद्दे को हम सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे।
वहीं, विपक्ष ने कहा कि यह बिल सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दरकिनार करने के लाया गया है। अगर यह पारित हो गया तो चुनाव आयुक्तों का महत्व कम हो जाएगा। बिल के विरोध में सभी विपक्षी सांसद वॉक आउट कर गए थे।
दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीनों पुराने क्रिमिनल बिल वापस ले लिए। इनकी जगह तीन नए क्रिमिनल बिल पेश किए गए। गुरुवार 14 दिसंबर को इस पर बहस होगी। वोटिंग शुक्रवार 15 दिसंबर को होगी।
सात दिन की कार्यवाही में इन विधेयकों को मंजूरी
पिछले सात दिन की कार्रवाई में राज्यसभा से पोस्ट ऑफिस, जम्मू-कश्मीर आरक्षण-पुनर्गठन (संशोधन), CEC-ECs की नियुक्ति बिल पास हो चुके हैं।
वहीं लोकसभा में सेंट्रल यूनिवर्सिटीज (संशोधन), केंद्र शासित पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वुमन रिजर्वेशन बढ़ाने वाले बिल को मंजूरी दी गई।
शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हुआ है, जो 22 दिसंबर तक चलेगा। यह 17वीं लोकसभा का 14वां सत्र है। इस दौरान में कुल 15 बैठकें होंगी।
नेहरू पर बयान को लेकर राहुल का शाह पर पलटवार
राहुल गांधी ने 12 दिसंबर को अमित शाह के नेहरू को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- नेहरू जी ने इस देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वे सालों तक जेल में थे। अमित शाह जी इतिहास नहीं जानते। मुझे उम्मीद नहीं है कि उन्हें इतिहास पता होगा, क्योंकि वह इतिहास को फिर से लिखते रहते हैं।
दरअसल, 7 दिसंबर को अमित शाह ने जवाहर लाल नेहरू का एक लेटर पढ़ा था। इस लेटर के हवाले से गृह मंत्री ने कहा- 'नेहरू ने शेख अब्दुल्ला को लिखा था कि कश्मीर मुद्दा UN ले जाना गलती थी।'
शाह ने कहा कि कश्मीर में सेना जीत रही थी, तभी सीजफायर कर दिया गया। नेहरू की गलती से पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) बन गया। देश की जमीन का जाना नेहरू का ब्लंडर था।
शीतकालीन सत्र की पिछले 7 दिन की कार्यवाही में क्या-क्या हुआ...