जांच की आंच में झुलसे अडानी ग्रुप के शेयर, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी पावर में सबसे ज्यादा गिरावट
Updated on
26-10-2023 02:21 PM
नई दिल्ली: अरबपति कारोबारी गौतम अडानी की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप के सभी शेयरों में आज भारी गिरावट दिख रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रुप के साथ लंबे समय से जुड़ी एक ऑडिटर कंपनी जांच के घेरे में है। अकाउंटिंग रेगुलेटर नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) ने भारत में ईवाई की मेंबर फर्म S.R. Batliboi के खिलाफ जांच शुरू की है। यह फर्म अडानी ग्रुप की पांच कंपनियों अडानी पावर, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी विल्मर और एसीसी तथा अंबूजा सीमेंट्स की ऑडिटर है। इससे ग्रुप की दसों लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में आज गिरावट देखी जा रही है। अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 2.70 परसेंट की गिरावट के साथ 2197.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। अडानी पावर में 6.17 परसेंट, अडानी विल्मर में 3.71 परसेंट, अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड में 1.4 परसेंट, अडानी ट्रांसमिशन में 3.96 परसेंट, अडानी ग्रीन एनर्जी में 6.69 परसेंट, अडानी टोटल गैस में 4.84 परसेंट, अंबूजा सीमेंट 1.76 परसेंट और एसीसी में 0.31 परसेंट गिरावट आई है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि रेगुलेटर ने फर्म से अडानी ग्रुप की कुछ कंपनियों के ऑडिट से जुड़ी फाइलें और कम्युनिकेशंस मांगा है। S.R. Batliboi अडानी ग्रुप की पांच लिस्टेड कंपनियों की ऑडिटर है। ग्रुप का आधा रेवेन्यू इन्हीं पांच कंपनियों से आता है। अडानी ग्रुप के प्रवक्ता ने इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि अडानी ग्रुप और उसकी कंपनियों ने हमेशा देश के नियमों और अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के मुताबिक काम किया है। अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने जनवरी में अडानी ग्रुप के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें ग्रुप की अकाउंटिंग पर सवाल उठाए गए थे। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मार्केट रेगुलेटर सेबी भी हिंडनबर्ग के आरोपों की जांच कर रहा है।
कंपनी ने क्या कहा
S.R. Batliboi अडानी पावर, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी विल्मर और एसीसी तथा अंबूजा सीमेंट्स की ऑडिटर है। साथ ही उसने एक दशक तक अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन की भी ऑडिटिंग की थी। भारतीय कानूनों के मुताबिक विदेशी अकाउंटिंग कंपनियां देश में ऑडिटर के रूप में रजिस्टर्ड नहीं हो सकती हैं। यही कारण हैं कि विदेशी कंपनियां भारत में स्वतंत्र रूप से परिचालित कंपनियों के जरिए काम करती हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की अकाउंटिंग और ऑडिट पर सवाल उठाए गए थे। इस कारण अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और उसका कुल मार्केट कैप 150 अरब डॉलर कम हो गया था। ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि उसकी कंपनियों की ऑडिटिंग सर्टिफाइड और क्वालिफाइड प्रोफेशनल करते हैं।
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