कनाडा के बाद अब ऑस्ट्रेलिया में फैलता जहर, भारतीय राजनयिकों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे खालिस्तानी!
Updated on
04-07-2023 07:35 PM
कैनबरा: कनाडा, यूके और अमेरिका के बाद ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी जहर फैलने लगा है। यहां पर भी भारत के हाई कमिश्नर और काउंसल जनरल पर खालिस्तानी पोस्टर्स लगे हैं जिन पर भारतीय राजनयिकों की भी तस्वीरें हैं। इन पोस्टर्स पर इन राजनयिकों को खालिस्तानी लीडर निज्जर का हत्यारा करार दिया गया है। पोस्टर्स के अलावा मेलबर्न में आठ जुलाई को भारतीय दूतावास तक एक मार्च की भी तैयारी कर ली गई है। पोस्टर्स की जानकारी ऐसे समय में आई है जब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की तरफ से बताया गया है कि साथी देशों से खालिस्तानियों को जगह न देने का अनुरोध किया गया है।
पोस्टर पर लगी राजनयिकों की फोटो
पोस्टर्स में भारत के ऑस्ट्रेलिया में राजदूत मनप्रीत वोहरा और काउंसल जनरल डॉक्टर सुशील कुमार की फोटो लगी है। इसके साथ ही एक एके-47 दिखाई गई है जो 'किल इंडिया' पर हमला करते हुए नजर आ रही है। बंदूक की जो फोटो बनी है उसे देखने पर एक बार को लगता है कि जैसे इस पर पाकिस्तानी झंडा बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया इस साल की शुरुआत से ही खालिस्तानी गतिविधियों का गढ़ बना हुआ है। 29 जनवरी को यहां पर मेलबर्न में खालिस्तान समर्थकों और भारत समर्थकों के बीच झगड़ा हुआ था। खालिस्तानी समर्थक पंजाब की आजादी के लिए जनमत संग्रह के नाम पर इकट्ठा हुए थे।
ऑस्ट्रेलिया में मंदिर निशाने पर इसके बाद मेलबर्न से लेकर सिडनी और कैनबरा में कुछ मंदिरों को भी निशाना बनाया गया। ऑस्ट्रेलिया से पहले कनाडा में भी भारतीय राजनयिकों के नाम के साथ पोस्टर जगह-जगह लगाए गए थे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा है कि भारत ने कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे साझेदार देशों से खालिस्तानियों को जगह नहीं देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ये कट्टरपंथी चरमपंथी विचारधाराएं उनके संबंधों के लिए अच्छी नहीं हैं।
कनाडा में खालिस्तानी पोस्टरों में भारतीय राजनयिकों के नाम पर जयशंकर ने कहा, 'हमने कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे अपने साथी देशों से अनुरोध किया है कि वे इन खालिस्तानियों को जगह न दें। ये कट्टरपंथी चरमपंथी विचारधाराएं अच्छी नहीं हैं। हमारे लिए, उनके लिए, या हमारे संबंधों के लिए। इन पोस्टरों का मुद्दा उठाएंगे।'
कनाडा में भी लगे ऐसे पोस्टर विदेश मंत्री की यह टिप्पणी कनाडा में खालिस्तान समर्थक निवासियों को रैली की सूचना देने वाले पोस्टर प्रसारित होने की खबरों के बाद आई। इन पोस्टरों ने भारत सरकार के लिए चिंता पैदा कर दी क्योंकि इससे टोरंटो में राजदूत और महावाणिज्य दूतावास को धमकी दी गई थी। इसी साल मार्च में खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में भारतीय दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने खालिस्तान समर्थक नारे लगाए और मौके पर मौजूद भारतीय पत्रकारों के साथ मारपीट भी की थी।
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