भारत-पाकिस्तान में क्यों शांति चाहता था चीन
हुमा ने कहा कि दक्षिण एशिया में चल रहे विवाद में चीन सीधेतौर पर शामिल है। भारत और चीन के बीच साल 2020 में गलवान में हिंसक झड़प हो चुकी है। इसके एक साल बाद फिर से चीन और भारत के सैनिकों में झड़प हुई। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही अमेरिका के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने में जुटे हुए हैं जिसे अमेरिका का व्यापक प्रभाव इलाके में बना हुआ है। भारत और अमेरिका चीन के प्रभाव को कम करने के लिए एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। हुमा ने कहा कि चीन की खुद की शांति कराने की इच्छा भी हाल के सालों में कम हो गई है।
वह कहती हैं कि चीन भारत और पाकिस्तान के बीच इसलिए शांति कराना चाहता था कि उसे सीपीईसी परियोजना पर नई दिल्ली का साथ मिल जाए। लेकिन अब हालात यह है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर ठंडे बस्ते में चला गया है और पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और कर्ज के तले दबा हुआ है। वहीं अफगानिस्तान में तालिबान राज आने के बाद क्षेत्रीय कनेक्टविटी की योजना भी फेल हो गई है।
