ये विरोध के लिए केवल विरोध नहीं
राजनीतिक गलियारों में जदयू के शीर्ष नेताओं के बयानों को सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध नहीं मानते। राज्य के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने सीट बंटवारे में देरी का सवाल उठाने के बहाने अपनी नाराजगी जाहिर की। ये वे लोग हैं, जो नीतीश कुमार की राजनीति को बदलाव के रास्ते उतारते रहे हैं। दो बार राजद के साथ सरकार बनाने के कारण और कर्ता भी यही रहे। इस बार फिर नीतीश कुमार के करीबी मंत्रियों के विरोध में एक नई राजनीति की बू आ रही है। आज की बैठक में अगर कुछ सकारात्मक निर्णय जदयू या नीतीश कुमार के फेवर में नहीं होता है तो इनकी राजनीति अलग धार भी पकड़ सकती है।
