अमेरिका ने चीन की दुखती नस पर रखा हाथ, ताइवान को लेकर किया बड़ा ऐलान, क्या करेंगे जिनपिंग?
Updated on
29-07-2023 02:21 PM
वॉशिंगटन: अमेरिका ने ताइवान के लिए 345 मिलियन डॉलर के सैन्य सहायता पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज में कई तरह के हथियार, एंटी एयरक्राप्ट सिस्टम और घातक ड्रोन शामिल हैं। ताइवान को अमेरिकी सैन्य सहायता दिए जाने पर चीन बौखलाया हुआ है। ताइवान शुरू से ही चीन की दुखती नस रहा है। ऐसे में ताइवान के साथ किसी भी विदेशी संबंध का चीन खुलकर विरोध करता है। चीन पहले भी ताइवान को सैन्य सहायता दिए जाने को लेकर अमेरिका को चेतावनी दे चुका है। लेकिन, हाल के दिनों में चीनी सेना की तैयारियों को देखकर ताइवान पर हमले की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी हथियारों में एनएसैम्स भी शामिल
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि ताइवान को दिए जाने वाले सैन्य पैकेज में रक्षा सामग्री, सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण शामिल होगा। व्हाइट हाउस की घोषणा में उपलब्ध कराए जाने वाले हथियारों या उपकरणों के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया है, लेकिन मीडिया आउटलेट्स ने अनाम अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि आपूर्ति में पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम और टोही उपकरण शामिल हैं। ताइवान ने बाइडन प्रशासन को इन हथियारों की खरीद को लेकर कई महीनों पहले लिस्ट सौंपी थी। इसमें नॉर्वेजियन एडवांस्ड सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम (NASAMS) भी शामिल था।
चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिका के इस ऐलान पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन न कहा है कि जरूरत पड़ी तो हम ताइवान को बलपूर्वक शामिल करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को ताइवान को हथियार बेचना बंद करना चाहिए और "नए कारक बनाना बंद करना चाहिए जिससे ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव पैदा हो सकता है।" चीनी विदेश मंत्रालय ने भी ताइवान को हथियार दिए जाने पर अमेरिका पर सख्त नाराजगी जताई है। मंत्रालय ने धमकाते हुए कहा है कि अमेरिका आग से खेल रहा है, जिसमें वह खुद जल सकता है।
ताइवान को मान्यता नहीं देता है अमेरिका
अमेरिका आधिकारिक तौर पर ताइवान को मान्यता नहीं देता है। वर्तमान में दुनिया के सिर्फ 13 देश ही ताइवान को देश के तौर पर स्वीकारते हैं। हालांकि, ताइवान ट्रेड ऑफिस के नाम से दुनियाभर के देशों से जुड़ा हुआ है, जिसमें भारत भी शामिल है। ताइवान की विदेशी संपर्क को देखते हुए चीन ने सैन्य घुसपैठ को तेज कर दिया है। चीनी लड़ाकू विमान और युद्धपोत लगातार ताइवान में घुसपैठ कर रहे हैं। यही कारण है कि ताइवान अपनी सुरक्षा को बढ़ाने में जुटा हुआ है। इस बीच चीन ने इस महीने की शुरुआत में ताइवान के पास एक बड़ा सैन्य अभ्यास किया था।
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