मुड़ी हुई धातु, टूटे-फूटे टुकड़े... समुद्र से निकाला गया टाइटैनिक पनडुब्बी का मलबा, पांच लोगों की हुई थी मौत
Updated on
29-06-2023 07:52 PM
टोरंटो: अटलांटिक महासागर में विस्फोट के बाद नष्ट हो चुकी टाइटन पनडुब्बी का क्षत-विक्षत मलबा आज तट पर लाया गया। इसमें पनडुब्बी के मुड़ी हुई धातु की चादर के अलावा कई टूटे-फूटे टुकड़े शामिल हैं। मलबा कनाडा के न्यूफाउंडलैंड के सेंट जॉन्स में होराइजन आर्कटिक जहाज से उतारा गया। बताया जा रहा है कि खोजी टीम को मलबे के कुल 10 टुकड़े ही मिले हैं। मलबे को क्रेन से लॉरी पर उठाने से पहले तिरपाल से ढक दिया गया था। ये टुकड़े टाइटैनिक के मलबे की ओर गोता लगाने के दौरान टाइटन पनडुब्बी के गायब होने के 10 दिनों बाद बाहर निकाले गए हैं। टाइटन पनडुब्बी में उत्तरी अटलांटिक में गोता लगाने के ठीक ठीक एक घंटे और 45 मिनट बाद भयावह विस्फोट हुआ था। इस कारण पनडुब्बी पर सवार सभी 5 यात्री मारे गए थे।
पनडुब्बी पर सवार थे दो अरबपति समेत 5 यात्री
मारे गए लोगों में 48 साल के पाकिस्तानी मूल के अरबपति शहजादा दाऊद, 19 साल के उनके बेटे सुलेमान दाऊद, 55 साल के ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग, 77 साल के फ्रांसीसी खोजकर्ता पॉल-हेनरी नार्जियोलेट और टाइटैनिक टूर संचालित करने वाले ओशनगेट के 61 वर्षीय सीईओ स्टॉकटन रश शामिल थे। विशेषज्ञों के अनुसार, ये सभी यात्री विस्फोट के मिलीसेकेंड के भीतर मर गए थे। हालांकि, रविवार को गायब होने और विस्फोट होने के बावजूद इस पनडुब्बी को खोजने का काम गुरुवार तक जारी रहा। इस दौरान 10000 वर्ग मील के इलाके में टाइटन पनडुब्बी की खोज और बचाव अभियान को चलाया गया। इस अभियान में अमेरिकी और कनाडा की नौसेना भी शामिल थी।
टाइटैनिक के मलबे के पास मिले टुकड़े
गुरुवार को टाइटन पनडुब्बी का मलबा मिलने के बाद खोज और बचाव अभियान को बंद कर दिया गया था। यूएस कोस्ट गार्ड ने बताया था कि टाइटैनिक के मलबे से 1600 फीट की दूरी पर दो मलबे वाले क्षेत्र पाए गए, जो समुद्र की सतह से 12,500 फीट नीचे मौजूद है। जिसमें दस टन वजनी टाइटन पनडुब्बी का पिछला हिस्सा, लैंडिंग फ्रेम और आगे का हिस्सा शामिल था। इस मलबे को होराइज़न आर्कटिक नाम के जहाज से गिराए गए गहरे समुद्र के रोबोट पनडुब्बी ने खोजा था। रियर एडमिरल जॉन माउगर ने कहा कि यह खोज प्रेशर चेंबर के विनाशकारी नुकसान के अनुरूप थी।
शव मिलने की कोई संभावना नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार, टाइटन पनडुब्बी पर सवार पांचों यात्रियों के शव मिलने की संभावना नहीं है। वहीं, कनाडा के ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड ने कहा कि इसकी जांच में दो साल का समय लग सकता है। बोर्ड ने कहा कि इस दौरान आपराधिक या नागरिक दायित्व के बजाय सुरक्षा में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। आरोप है कि 18 जून को टाइटन पनडुब्बी से संपर्क टूटने के आठ घंटे बाद कोस्ट गार्ड को इस घटना की जानकारी दी गई। इतने वक्त तक टाइटन के मदरशिप पोलर प्रिंस जहाज उसके ऊपर आने का इंतजार करता रहा।
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